पश्चिम एशिया संकट पर प्रधानमंत्री मोदी ने बुलाई सीसीएस की आपात बैठक: ईंधन और उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
-वैश्विक तनाव के बीच भारत की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर मंथन

नई दिल्ली, 18 अप्रैल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राजधानी दिल्ली में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। इस बैठक का मुख्य एजेंडा पश्चिम एशिया में तेजी से बिगड़ते हालात और उससे भारत पर पड़ने वाले प्रभावों की समीक्षा करना है। विशेष रूप से 28 फरवरी को ईरानी क्षेत्र में हुए सैन्य हमलों के बाद उपजे तनाव ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। प्रधानमंत्री ने सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के साथ-साथ विभिन्न मंत्रालयों द्वारा अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी ली। सरकार का मुख्य ध्यान इस युद्धग्रस्त स्थिति के बीच भारत के कूटनीतिक और सामरिक हितों की रक्षा करना है।
बैठक के दौरान वैश्विक संघर्ष का भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर का व्यापक आकलन किया गया। कैबिनेट सचिव ने प्रधानमंत्री को पेट्रोलियम उत्पादों, विशेषकर एलएनजी (LNG) और एलपीजी (LPG) की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए किए गए इंतजामों के बारे में विस्तार से बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आम आदमी के लिए जरूरी चीजों, जैसे भोजन, ऊर्जा और ईंधन की उपलब्धता में कोई कमी नहीं आनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, सभी बिजली संयंत्रों में कोयले के पर्याप्त भंडार की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई ताकि देश में बिजली संकट की कोई स्थिति पैदा न हो।
पश्चिम एशिया संकट के बीच प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र और किसानों की जरूरतों को प्राथमिकता पर रखा है। बैठक में खरीफ और रबी सीजन के लिए उर्वरकों (Fertilizers) की उपलब्धता पर विस्तृत चर्चा हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव की संभावना को देखते हुए उर्वरकों के वैकल्पिक स्रोतों की तलाश करने का निर्णय लिया गया है। प्रधानमंत्री ने आश्वस्त किया कि पिछले वर्षों में बनाए गए पर्याप्त भंडार और समय पर उठाए जा रहे कदमों से देश की खाद्य सुरक्षा और किसानों की जरूरतें पूरी तरह सुरक्षित रहेंगी। सरकार दीर्घकालिक उपायों के तहत वैश्विक अस्थिरता से निपटने के लिए एक मजबूत आर्थिक कवच तैयार कर रही है।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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