भारत में फीफा वर्ल्ड कप 2026 के प्रसारण पर संकट: ब्रॉडकास्ट राइट्स की भारी कीमत बनी बाधा

नई दिल्ली, 14 मई। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के शुरू होने में अब एक महीने से भी कम का समय बचा है, लेकिन भारत में इसके लाइव प्रसारण को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। मुख्य बाधा फीफा द्वारा मांगी जा रही भारी-भरकम ब्रॉडकास्ट राइट्स की कीमत है। रिलायंस-डिज्नी ने करीब 20 मिलियन डॉलर का ऑफर दिया था, जबकि फीफा 100 मिलियन डॉलर की उम्मीद कर रहा था। हालांकि, फीफा ने अपनी मांग घटाकर 35 मिलियन डॉलर कर दी है, लेकिन भारतीय ब्रॉडकास्टर्स अभी भी इस रकम को बहुत अधिक मान रहे हैं। इसका बड़ा कारण मैचों का समय है, क्योंकि अधिकांश मैच भारतीय समयानुसार देर रात 12:30 से सुबह 7:00 बजे के बीच होंगे।
भारत के साथ-साथ चीन में भी यही स्थिति बनी हुई है, जहाँ फीफा ने 300 मिलियन डॉलर की मांग की थी, लेकिन सरकारी ब्रॉडकास्टर सीसीटीवी केवल 80 से 150 मिलियन डॉलर के बीच भुगतान करने को तैयार है। भारत और चीन दुनिया के दो सबसे बड़े बाजार हैं, जिनका 2022 वर्ल्ड कप की डिजिटल स्ट्रीमिंग में 22.6 प्रतिशत योगदान था। इस बड़े दर्शक वर्ग को खोने के डर से अब खबरें आ रही हैं कि फीफा अपनी मांग में 50 प्रतिशत तक की कटौती कर सकता है ताकि मई के अंत तक किसी भी तरह से मीडिया राइट्स की डील फाइनल की जा सके।
इस अनिश्चितता के बीच भारतीय फैंस के मन में सवाल है कि वे मैच कहाँ देख पाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि रिलायंस-डिज्नी अभी भी रेस में सबसे आगे है और दोनों पक्ष किसी बीच के रास्ते पर सहमत हो सकते हैं। इसके अलावा सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क और सरकारी चैनल दूरदर्शन भी सेमीफाइनल जैसे बड़े मैचों के लिए दौड़ में शामिल हो सकते हैं। यदि कोई भी पारंपरिक ब्रॉडकास्टर डील नहीं करता है, तो फीफा अपने स्वयं के प्लेटफॉर्म ‘फिफा+’ या यूट्यूब के जरिए सीधे स्ट्रीमिंग का विकल्प चुन सकता है ताकि करोड़ों फुटबॉल प्रेमी इस महाकुंभ का आनंद ले सकें।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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