राम मंदिर ट्रस्ट दान विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट का तत्काल सुनवाई से इनकार

नई दिल्ली, 25 जून । सुप्रीम कोर्ट ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया है। जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ ने याचिकाकर्ताओं को इस मामले को अगले सप्ताह यानी सोमवार, 29 जून को अदालत के समक्ष दोबारा मेंशन (उल्लेख) करने का निर्देश दिया है। यह याचिका दो वकीलों, अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव द्वारा दायर की गई है, जिसमें ट्रस्ट के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं।
याचिकाकर्ताओं ने अपनी अर्जी में ट्रस्ट के कोष में बड़े पैमाने पर हुए कथित गबन और वित्तीय गड़बड़ियों के आरोपों की गहन जांच की गुहार लगाई है। याचिका में मांग की गई है कि इस मामले में सबसे पहले संबंधित आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी (एफ़आईआर) दर्ज की जाए। इसके बाद पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जाना बेहद जरूरी है।
याचिका में महत्वपूर्ण साक्ष्यों को नष्ट किए जाने की आशंका भी जताई गई है, जिसके चलते याचिकाकर्ताओं ने अदालत से उत्तर प्रदेश सरकार और राम जन्मभूमि ट्रस्ट को बैंक खातों, दान रजिस्टर, ऑडिट रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज जैसे सभी इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का आदेश देने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, भविष्य में ऐसी शिकायतों को रोकने और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए फंड व संपत्तियों की निगरानी हेतु एक मजबूत स्वतंत्र ऑडिट व्यवस्था विकसित करने का भी सुझाव दिया गया है।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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