5 साल की उम्र में फिल्मों में आई थीं नीतू कपूर, पहली फिल्म में नहीं मिला था नाम, वैजयंतीमाला ने बदल दी किस्मत

मुंबई, । सिल्वर स्क्रीन पर अपनी मुस्कान से करोड़ों दिलों पर राज करने वाली नीतू कपूर आज अपना 66वां जन्मदिन मना रही हैं। पिछले 6 दशकों से फिल्मी दुनिया में अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाने वाली नीतू का यह सफर जितना खूबसूरत है, उतना ही संघर्षों से भरा रहा है। नीतू कपूर का जन्म 8 जुलाई 1958 को दिल्ली के एक जाट सिख परिवार में हुआ था।
नीतू सिंह की माता राजी कौर और पिता दर्शन सिंह के साथ उनका बचपन शुरू ही हुआ था कि पिता का साया सिर से उठ गया। इसके बाद उनका पूरा परिवार मुंबई आ गया। जब वह सिर्फ 5 साल की थीं, तब फेमस एक्ट्रेस वैजयंतीमाला की नजर उन पर पड़ी। वैजयंतीमाला ने उनकी प्रतिभा को भांप लिया और डायरेक्टर टी प्रकाश राव को फिल्म ‘सूरज’ के लिए उनका नाम सुझाया। साल 1966 में आई इस फिल्म में उन्होंने एक्टिंग तो की, लेकिन पर्दे पर उन्हें कोई क्रेडिट नहीं मिला।
हरनीत कौर से बेबी सोनिया बनने की दास्तान
बहुत कम लोग जानते हैं कि जिसे पूरी दुनिया आज नीतू कपूर या नीतू सिंह के नाम से जानती है, उनका असली नाम हरनीत कौर था। फिल्मों में कदम रखने के बाद उनका नाम बदला गया। चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में काम करते हुए वह ‘बेबी सोनिया’ के नाम से फेमस हुईं।
फिल्म ‘दस लाख’ में काम करने के बाद उन्हें असली पहचान ‘दो कलियां’ से मिली। इस फिल्म में उनके डबल रोल और ‘बच्चे मन के सच्चे’ गाने से नीतू सिंह हर घर में फेमस हो गईं।। इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में अपनी अमिट छाप छोड़ी।
रणधीर कपूर के साथ फ्लॉप डेब्यू से सुपरस्टार का सफर
जैसे-जैसे उम्र बढ़ी, बेबी सोनिया मुख्य अभिनेत्री के रूप में स्क्रीन पर आने के लिए तैयार हुईं। उन्होंने किशोर उम्र में फिल्म ‘रिक्शावाला’ से बतौर लीड एक्ट्रेस डेब्यू किया। इस फिल्म में वह अपने भविष्य के जेठ रणधीर कपूर के साथ इश्क फरमाती नजर आई थीं।
हालांकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लोप हो गई, लेकिन नीतू के काम की तारीफ हुई। उनकी किस्मत का सितारा फिल्म ‘यादों की बारात’ से चमका। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं।
शादी के बाद अचानक फिल्मों से अलविदा और 25 साल बाद वापसी
ऋषि कपूर के साथ उनकी ऑन-स्क्रीन और ऑफ-स्क्रीन केमिस्ट्री जगजाहिर रही। 5 साल की डेटिंग के बाद साल 1980 में दोनों शादी के बंधन में बंध गए। शादी के बाद उन्होंने अपने करियर के पीक पर सिनेमा को अलविदा कह दिया। साल 1983 में आई ‘गंगा मेरी मां’ उनकी आखिरी फिल्म थी।
इसके बाद वह अपने बच्चों रणबीर कपूर और रिद्धिमा कपूर की परवरिश में बिजी हो गईं। करीब 25 साल के लंबे गैप के बाद उन्होंने ‘लव आज कल’ से शानदार वापसी की और आज भी ‘जुग जुग जीयो’ जैसी फिल्मों के जरिए दर्शकों का मनोरंजन कर रही हैं।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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