भारत ने बाल विवाह के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस संबंधी यूएनएससी प्रस्ताव सह-प्रायोजित किया

संयुक्त राष्ट्र, भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में पेश उस प्रस्ताव को सह-प्रायोजित किया है, जिसमें बाल विवाह, कम उम्र में होने वाले विवाह और जबरन विवाह को रोकने के लिए हर साल 27 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की गई है।
संयुक्त राष्ट्र की 193 सदस्यीय महासभा ने शुक्रवार को सिएरा लियोन की अगुवाई में पेश किए गए ‘बाल, कम उम्र और जबरन विवाह उन्मूलन के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस’ शीर्षक वाले प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी। भारत उन देशों में शामिल था, जिन्होंने इस प्रस्ताव को सह-प्रायोजित किया।
भारत में 27 नवंबर 2024 को ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान शुरू किया गया था। इसका लक्ष्य 2026 तक बाल विवाह की घटनाओं में 10 प्रतिशत की कमी लाना और 2030 तक भारत को बाल विवाह मुक्त बनाना है।
इस मुद्दे को सिएरा लियोन की प्रथम महिला और ‘ऑर्गनाइजेशन ऑफ अफ्रीकन फर्स्ट लेडीज फॉर डेवलपमेंट’ (ओएएफएलएडी) की अध्यक्ष फातिमा मादा बायो तथा ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन’ के संस्थापक भुवन रिभु ने भी प्रमुखता से उठाया था। दोनों ने बाल विवाह खत्म करने के लिए एक समर्पित वैश्विक दिवस घोषित करने की मांग की थी।
महासभा में प्रस्ताव पारित होने के बाद रिभु ने कहा, ‘‘आज अंत की शुरुआत हुई है, जब दुनिया ने एक आवाज में कहा है- अब और नहीं… यह वह शुरुआत है, जब दुनिया ने एक स्वर में अपनी बात कही है। अब कार्रवाई का समय है, हमें कदम उठाना चाहिए। 27 नवंबर से कार्रवाई शुरू होती है।’’
सिएरा लियोन ने भारत समेत करीब 70 देशों के समर्थन से 27 नवंबर को बाल विवाह खत्म करने के लिए समर्पित वैश्विक दिवस घोषित करने के उद्देश्य से यह प्रस्ताव पेश किया था।
रिभु ने कहा कि प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद दुनियाभर की सरकारों को व्यापक कानून बनाने, बजट के साथ राष्ट्रीय कार्ययोजनाएं तैयार करने और जिम्मेदार एवं जवाबदेह संस्थान सुनिश्चित करने के जरिए निर्णायक कदम उठाने की जरूरत है।
प्रस्ताव में सदस्य देशों से बाल, कम उम्र और जबरन विवाह को खत्म करने के लिए व्यापक तथा विभिन्न क्षेत्रों को शामिल करने वाली राष्ट्रीय रणनीतियां और कार्ययोजनाएं विकसित करने और उन्हें लागू करने की प्रक्रिया जारी रखने का आग्रह किया गया है।
प्रस्ताव में सभी लड़कियों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में निवेश करने का भी आह्वान किया गया है। इसमें ऐसे कार्यक्रम चलाने पर जोर दिया गया है, जिनके जरिए विवाहित लड़कियां और युवा महिलाएं अपनी शिक्षा जारी रख सकें या दोबारा शिक्षा हासिल कर सकें। साथ ही, महिलाओं और लड़कियों को सशक्त बनाना बाल विवाह की रोकथाम की एक महत्वपूर्ण रणनीति बताया गया है।
सियासी मियार की रीपोर्ट
Siyasi Miyar | News & information Portal Latest News & Information Portal