जयशंकर ने यूएई के विदेश मंत्री अल-नाहयान से की मुलाकात, द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक मुद्दों पर हुई चर्चा

अबू धाबी, । विदेश मंत्री एस. जयशंकर आधिकारिक दौरे पर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पहुंचे, जहां उन्होंने अपने समकक्ष अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-यूएई संबंधों और कई वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की।
जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के साथ गर्मजोशी और सार्थक मुलाकात हुई। हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी की भावना के तहत द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।”
विदेश मंत्री बुधवार को अबू धाबी पहुंचे, जहां यूएई की मंत्री रीम अल हाशिमी ने उनका स्वागत किया।
इससे पहले, जयशंकर ने ‘रायसीना डायलॉग’ के मध्य पूर्व सत्र ‘द वर्ल्ड अहेड: पावर, पर्पज एंड पॉसिबिलिटी’ में अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के साथ हिस्सा लिया। नाहयान यूएई के उप प्रधानमंत्री भी हैं। कार्यक्रम के दौरान दोनों नेताओं ने कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की और बहुपक्षीय सहयोग के महत्व पर जोर दिया।
जयशंकर ने ‘एक्स’ पर कहा कि बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि दुनिया की व्यवस्था तेजी से बदल रही है। यह बदलाव लंबे समय से चल रहे रुझानों और हाल की घटनाओं, दोनों का नतीजा है।
उन्होंने कहा, “हर देश अपनी परिस्थितियों के अनुसार प्रतिक्रिया देता है। इसी वजह से नए साझेदारों और नए विकल्पों की तलाश स्वाभाविक है।”
जयशंकर ने कहा कि आज की साझेदारियां पारंपरिक सोच से आगे बढ़कर अधिक रणनीतिक समझ विकसित करने की मांग करती हैं।
उन्होंने कहा कि बहुपक्षीय व्यवस्था में सुधार बहुत जरूरी है और इसे छोटे लेकिन मजबूत सहयोगी समूहों के जरिए समर्थन दिया जा सकता है। पिछले एक दशक में भारत-यूएई साझेदारी इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे दोनों देशों ने बदलते वैश्विक माहौल के अनुसार खुद को ढाला है।
उनका यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब पूरे क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। ईरान में जारी संघर्ष और यमन में हूती समूह तथा सऊदी अरब के बीच बढ़े तनाव ने क्षेत्र की स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है।
इस बीच, रविवार को दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने जानकारी दी कि ‘एमटी जेम नंबर 2’ नामक कच्चे तेल के टैंकर में हुए हादसे के बाद 22 भारतीय चालक दल के सदस्यों को रस अल खैमाह तट के पास सुरक्षित बचा लिया गया।
वाणिज्य दूतावास ने ‘एक्स’ पर कहा, “हमें ‘एमटी जेम नंबर 2’ जहाज से जुड़े हादसे की जानकारी मिली, जिसमें 22 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे। सभी को सुरक्षित बचा लिया गया है। दूतावास यूएई अधिकारियों के संपर्क में है और भारतीय नाविकों को हर संभव मदद दी जा रही है।”
वहीं, फ्लाइदुबई की उड़ान एफजेड1073 के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार, जिन्होंने विमान में सह-पायलट के हमले का सामना करते हुए 174 यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई थी, इस समय अबू धाबी के एक अस्पताल में इलाज करा रहे हैं और उनकी हालत में सुधार हो रहा है।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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