ड्रैगन की ओर इशारा करता स्मोक अटैक.. -डा. रवीन्द्र अरजरिया- पाकिस्तान के खस्ताहाल होने के बाद उसके आका ने भारत के विरुध्द भितरघातियों की पीठ पर हाथ रखकर चालें चलना शुरू कर दीं है। संसद में स्मोक अटैक के लिए स्वयंभू बुध्दिजीवियों के गिरोहों के माध्यम से नई तरह के …
Read More »लेख
संसद में धुंआ : कहीं साजिश तो नहीं?
संसद में धुंआ : कहीं साजिश तो नहीं? -सुरेश हिंदुस्थानी- लोकतंत्र में सरकार की कार्यप्रणाली से सहमत या असहमत होना एक जायज प्रक्रिया का हिस्सा माना जाता है। रचनात्मक विरोध होना लोकतंत्र को और भी अधिक मजबूत बनाने का कार्य करता है। लेकिन अभी हाल ही में लोकसभा के अंदर …
Read More »विकसित भारत के सपने..
विकसित भारत के सपने.. -डॉ सत्यवान सौरभ- “आधी रात को, जब दुनिया सोती है, भारत जीवन और स्वतंत्रता के लिए जागेगा”। जवाहरलाल नेहरू का यह “ट्रिस्ट विद डेस्टिनी” भाषण उस सपने का प्रतीक था जिसे हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने पूरा किया था। इसने हमें, भारत के लोगों द्वारा पालन किए …
Read More »भाजपा का मुख्यमंत्री चयन : योग्यता नहीं ‘वफ़ादारी’ पैमाना..
भाजपा का मुख्यमंत्री चयन : योग्यता नहीं ‘वफ़ादारी’ पैमाना.. -तनवीर जाफ़री- चारा घोटाला के आरोप में जब 1997 में राष्ट्रीय जनता दल नेता व तत्कालीन मुख्यमंत्री बिहार, लालू यादव पर जेल जाने की तलवार लटकने लगी तो उन्होंने अपने उत्तराधिकारी के रूप में बिहार जैसे बड़े राज्य के मुख्यमंत्री पद …
Read More »बीमा कंपनियों की लूट सरकार मौन, इरडा की आंखें बंद..
बीमा कंपनियों की लूट सरकार मौन, इरडा की आंखें बंद.. -सनत जैन- केंद्र सरकार के तमाम प्रयासों के बाद भी देश के 87 फ़ीसदी लोगों के पास जीवन बीमा की पॉलिसी नहीं है। 73 फीसदी लोग स्वास्थ्य बीमा से वंचित हैं। राष्ट्रीय बीमा अकादमी की जो रिपोर्ट आई है, वह …
Read More »संसद में सेंधमारी पर रामधुन की जरूरत…
संसद में सेंधमारी पर रामधुन की जरूरत… -राकेश अचल- दूसरे लोगों का कोई पता नहीं किन्तु मै राजनीति से आजिज आ चुका हूँ, राजनीति इतनी तेजी से गुलाटी खाती है कि मेरे जैसा आदमी कोई दूसरे मुद्दों पर बात कर ही नहीं पा रहा। अब संसद में सेंधमारी की घटना …
Read More »अनुच्छेद 370 और बाल्मीकि समाज..
अनुच्छेद 370 और बाल्मीकि समाज.. -डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री- भारत सरकार ने 2019 को भारतीय संविधान में से अनुच्छेद 370 को समाप्त कर दिया था। इसका मोटे तौर पर राज्य के सभी लोगों ने स्वागत किया था। स्वागत करने वालों में गुज्जर, दरदी, बलती, पुरकी के सिवा से अलजाफ, अरजाल …
Read More »न्यायपालिका के समक्ष चुनौतियां..
न्यायपालिका के समक्ष चुनौतियां.. अगर मुकदमों का निपटारा समयबद्ध तरीके से नहीं होता है तो नागरिकों के अदालत का दरवाजा खटखटाने का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। यह ध्यान रखने की जरूरत है कि अब भी लोग न्यायालय का दरवाजा खटखटा रहे हैं। अकेले अक्टूबर के महीने में देश भर …
Read More »इतनी नफ़रत इतना ज़हर?
इतनी नफ़रत इतना ज़हर? -तनवीर जाफ़री- हमारे भारतीय समाज में धार्मिक सद्भावना की जड़ें इतनी गहरी हैं कि दुनिया भारत के इस सद्भावना पूर्ण इतिहास की मिसालें पेश करती है। भारत को ‘अनेकता में एकता’ रखने वाले देश के रूप में जाना जाता है। जिस देश में हिन्दू देवी देवताओं …
Read More »राज्यपालों की भूमिका पर विचार जरूरी
राज्यपालों की भूमिका पर विचार जरूरी -अजीत द्विवेदी- इन दिनों राजनीति में इस्तेमाल किए जा रहे मुहावरे के हिसाब से कहें तो आजादी के 75 साल में ऐसा कभी नहीं हुआ कि राज्यपालों के ऊपर सर्वोच्च अदालत को इतनी सख्त टिप्पणियां करनी पड़े, जितनी अभी करनी पड़ रही है। आजादी …
Read More »
Siyasi Miyar | News & information Portal Latest News & Information Portal