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फोन-टैपिंग मामले में बीआरएस एमएलसी नवीन राव एसआईटी के सामने पेश हुए…

फोन-टैपिंग मामले में बीआरएस एमएलसी नवीन राव एसआईटी के सामने पेश हुए…

तेलंगाना फोन टैपिंग मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) ने भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) एमएलसी के. नवीन राव को पूछताछ के लिए बुलाया है। विधान परिषद के सदस्य रविवार को जुबली हिल्स पुलिस स्टेशन में एसआईटी अधिकारियों के सामने पेश हुए।

नवीन राव को एसआईटी का नोटिस ऐसे समय में आया है, जब ऐसी खबरें हैं कि एसआईटी पूर्व मुख्यमंत्री और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) और बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामा राव को पूछताछ के लिए बुला सकती है। आरोप है कि नवीन राव इस मामले में आरोपी प्रणीत राव और श्रवण कुमार दोनों के संपर्क में थे।

नवीन ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि ये उनकी प्रतिष्ठा को खराब करने के मकसद से चलाए जा रहे एक राजनीतिक अभियान का हिस्सा हैं। नवीन ने दावा किया कि उन्होंने इस मामले में आरोपी से कभी भी आमने-सामने या फोन पर बात नहीं की।

बीआरएस शासन के दौरान कथित फोन टैपिंग की जांच अहम पड़ाव पर पहुंचने के बाद एसआईटी ने नवीन को तलब किया है। पिछले महीने, एसआईटी ने फोन-टैपिंग मामले के मुख्य आरोपी, पूर्व आंतरिक खुफिया एजेंसी (एसआईबी) प्रमुख टी. प्रभाकर राव से पूछताछ की थी।

सुप्रीम कोर्ट के आत्मसमर्पण करने के आदेश के बाद एसआईटी ने पूर्व भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी से दो हफ़्ते तक पूछताछ की और उन्हें 26 दिसंबर को रिहा कर दिया गया।

एसआईटी को राव से हिरासत में पूछताछ की रिपोर्ट 16 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में जमा करनी है। तेलंगाना सरकार द्वारा 18 दिसंबर को बनाई गई नौ सदस्यों वाली नई एसआईटी ने प्रभाकर राव से पूछताछ की।

एसआईटी ने तत्कालीन पुलिस महानिदेशक महेंद्र रेड्डी, पूर्व इंटेलिजेंस प्रमुख नवीन चंद और अनिल कुमार और तत्कालीन मुख्य सचिव सोमेश कुमार के बयान भी दर्ज किए हैं।

वहीं, पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों के नाम बताए हैं, जिनमें पूर्व एसआईबी चीफ प्रभाकर राव, डीएसपी प्रणीत राव, एडिशनल एसपी तिरुपथन्ना और एन. भुजंगा राव, पूर्व डीसीपी राधा किशन राव के अलावा एक टेलीविजन चैनल के मालिक श्रवण कुमार शामिल हैं।

प्रभाकर राव पर बीआरएस शासन के दौरान कई जाने-माने लोगों की गैर-कानूनी जासूसी करवाने का आरोप है। आरोप है कि उन्होंने बीआरएस सरकार के खिलाफ काम करने वालों के फोन टैप करने के लिए एसआईबी में एक स्पेशल टीम बनाई थी।

सियासी मियार की रीपोर्ट