होम लोन इंश्योरेंस में ऑनलाइन विकल्प से बढ़ सकती है सुरक्षा और बचत -अपनी जरूरतों के अनुसार कर सकते हैं पॉलिसी का सही चुनाव…

नई दिल्ली, 10 जनवरी भारत में होम लोन अब केवल एक अल्पकालिक वित्तीय जरूरत नहीं रह गया है, बल्कि यह एक लंबी अवधि की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बन चुका है। बढ़ती प्रॉपर्टी कीमतों के कारण लोन की राशि और अवधि दोनों बढ़ गई हैं, जिसके चलते होम लोन इंश्योरेंस की आवश्यकता भी पहले से कहीं ज्यादा महसूस हो रही है। इस इंश्योरेंस का मुख्य उद्देश्य उधारकर्ता की असमय मृत्यु या अन्य अप्रत्याशित स्थितियों में परिवार को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। आजकल ऑनलाइन होम लोन इंश्योरेंस तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। डिजिटल माध्यम से ली जाने वाली पॉलिसियों में प्रीमियम कम होता है और ग्राहकों को शर्तों, कवरेज और लागत की स्पष्ट जानकारी मिलती है। इससे ग्राहक अपनी जरूरतों के अनुसार पॉलिसी का सही चुनाव कर सकते हैं। वहीं बैंक और अन्य लेंडर्स द्वारा ऑफलाइन पॉलिसी की पेशकश की जाती है, जो अक्सर उच्च प्रीमियम, कमीशन और प्रशासनिक खर्चों के साथ होती है। इसके अलावा, ऑफलाइन पॉलिसी में लचीलापन की कमी और क्लेम की राशि का सीधे बैंक को मिलना जैसे मुद्दे भी सामने आते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि होम लोन इंश्योरेंस का चुनाव करते समय केवल सुविधा और बैंक की पेशकश पर ध्यान न देकर, लागत, पारदर्शिता और लचीलापन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। सही पॉलिसी परिवार की वित्तीय सुरक्षा को मजबूती देती है और खर्च कम करने में मदद करती है।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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