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मुंबई तट पर भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई, ईरान से जुड़े तीन संदिग्ध ऑयल टैंकर हिरासत में, अंतरराष्ट्रीय तेल तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़

मुंबई तट पर भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई, ईरान से जुड़े तीन संदिग्ध ऑयल टैंकर हिरासत में, अंतरराष्ट्रीय तेल तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़

मुंबई, 17 फरवरी। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने समुद्री सीमा पर एक बेहद संवेदनशील ऑपरेशन को अंजाम देते हुए तीन विदेशी तेल टैंकरों—स्टेलर रूबी, अस्फाल्ट स्टार और अल जफजिआ—को हिरासत में लिया है। मुंबई तट से करीब 100 नॉटिकल मील दूर पश्चिम में संदिग्ध गतिविधियों के बाद इन जहाजों को इंटरसेप्ट किया गया और जांच के लिए मुंबई पोर्ट लाया गया। शुरुआती जांच में पता चला है कि इन जहाजों के आईएमओ (IMO) नंबर उन जहाजों से मेल खाते हैं, जिन्हें अमेरिका पहले ही प्रतिबंधित कर चुका है। आशंका है कि ये जहाज अंतरराष्ट्रीय नियमों को ठेंगा दिखाकर अवैध तेल तस्करी में शामिल थे।

जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि ये ‘घोस्ट’ जहाज अपनी पहचान छिपाने के लिए लगातार अपना नाम, झंडा और मालिकाना हक के दस्तावेज बदल रहे थे। शिपिंग डेटा के अनुसार, ‘अल जफजिआ’ ने साल 2025 में ईरान से जिबूती तक ईंधन पहुँचाया था, जबकि ‘स्टेलर रूबी’ पूर्व में ईरानी झंडे के साथ पंजीकृत रह चुका है। अवैध तेल के इस काले कारोबार में बिचौलिए बीच समंदर में ‘शिप-टू-शिप’ ट्रांसफर और जहाजों के ट्रांसपोंडर बंद करने जैसी तरकीबों का इस्तेमाल करते हैं, ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिबंधित तेल को सस्ते दामों पर खपाया जा सके।

इस बड़ी कार्रवाई के बाद भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) और नौसेना पूरी तरह सतर्क है। भारत की समुद्री सीमाओं की अभेद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वर्तमान में 55 जहाज और करीब 12 विमान चौबीसों घंटे आसमान और समंदर से निगरानी कर रहे हैं। हालांकि, ईरान की नेशनल ईरानियन ऑयल कंपनी (NIOC) ने इन जहाजों से किसी भी संबंध से इनकार किया है, लेकिन अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के ‘OFAC’ डेटा से मिलान होने के कारण भारतीय एजेंसियां गहन तकनीकी जांच कर रही हैं ताकि इस वैश्विक तस्करी सिंडिकेट की जड़ों तक पहुँचा जा सके।

सियासी मियार की रीपोर्ट