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क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग 2026 में जेएनयू का शानदार प्रदर्शन, ‘डेवलपमेंट स्टडीज’ में दुनिया के टॉप-30 संस्थानों में बनाई जगह, वैश्विक शैक्षणिक स्तर पर लहराया भारत का परचम

क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग 2026 में जेएनयू का शानदार प्रदर्शन, ‘डेवलपमेंट स्टडीज’ में दुनिया के टॉप-30 संस्थानों में बनाई जगह, वैश्विक शैक्षणिक स्तर पर लहराया भारत का परचम

नई दिल्ली, 27 मार्च। भारत के प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता का लोहा मनवाते हुए ‘क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स बाय सब्जेक्ट 2026’ में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। विश्वविद्यालय ने “डेवलपमेंट स्टडीज” विषय में विश्व स्तर पर 26वां स्थान हासिल किया है, जो पिछले वर्ष की 29वीं रैंक के मुकाबले एक महत्वपूर्ण सुधार है। यह लगातार तीसरा वर्ष है जब जेएनयू ने इस श्रेणी में दुनिया के शीर्ष 50 संस्थानों में अपनी जगह सुरक्षित रखी है। कुलपति प्रो. शांतिश्री धुलीपुडी पंडित ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए इसे ‘विकसित भारत’ के विजन की ओर एक बड़ा कदम बताया है।

रैंकिंग के विस्तृत आंकड़ों के अनुसार, जेएनयू ने कुल 23 विषयों में अपनी भागीदारी दर्ज कराई थी, जिनमें से कई विषयों में संस्थान की पकड़ मजबूत हुई है। समाजशास्त्र (Sociology) विभाग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टॉप-100 में जगह बनाई है और 86वें स्थान पर पहुंच गया है, जो पिछली बार 101-150 की श्रेणी में था। इसके अलावा, राजनीति एवं अंतरराष्ट्रीय अध्ययन (Political and International Studies) ने भी अपनी जगह टॉप-100 में बरकरार रखी है। हालांकि, कला एवं मानविकी (Arts & Humanities) जैसे कुछ क्षेत्रों में रैंकिंग में आंशिक गिरावट भी दर्ज की गई है, जिसे लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने भविष्य में सुधार करने की प्रतिबद्धता जताई है।

क्यूएस (Quacquarelli Symonds) द्वारा जारी यह 16वां संस्करण दुनिया भर के 1900 से अधिक विश्वविद्यालयों और 100 से ज्यादा देशों के शैक्षणिक कार्यक्रमों का गहन विश्लेषण करता है। इस बार की रैंकिंग में 21,000 से अधिक अकादमिक प्रोग्राम्स और 55 विशिष्ट विषयों को शामिल किया गया था। जेएनयू की इस सफलता ने न केवल विश्वविद्यालय की साख बढ़ाई है, बल्कि वैश्विक अनुसंधान और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भारतीय संस्थानों की बढ़ती धाक को भी प्रमाणित किया है। केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय ने भी जेएनयू की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए इसे भारतीय शिक्षा प्रणाली के लिए एक गौरवशाली क्षण बताया है।

सियासी मियार की रीपोर्ट