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ऊर्जा संकट के बीच 42 हजार टन एलपीजी लेकर गुजरात के कांडला पोर्ट पहुंचा विशाल जहाज ‘जग वसंत’, युद्ध के हालातों में भारत को मिली बड़ी राहत

ऊर्जा संकट के बीच 42 हजार टन एलपीजी लेकर गुजरात के कांडला पोर्ट पहुंचा विशाल जहाज ‘जग वसंत’, युद्ध के हालातों में भारत को मिली बड़ी राहत

गांधीनगर, 27 मार्च । वैश्विक ऊर्जा संकट और खाड़ी क्षेत्र में जारी भीषण युद्ध के तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय एलपीजी टैंकर ‘जग वसंत’ (Jag Vasant) करीब 42,000 मीट्रिक टन से अधिक एलपीजी गैस लेकर सफलतापूर्वक गुजरात के कांडला पोर्ट पहुंच गया है। यह जहाज विश्व के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को पार कर भारत पहुंचा है। ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के 29वें दिन, जहां कई देशों के लिए यह रास्ता असुरक्षित बना हुआ है, वहीं भारत को मिली विशेष अनुमति और भारतीय नौसेना की कड़ी निगरानी के कारण यह टैंकर सुरक्षित अपनी यात्रा पूरी करने में सफल रहा।

कांडला पोर्ट अथॉरिटी ने जानकारी दी है कि देश में गैस की बढ़ती मांग को देखते हुए ‘जग वसंत’ से एलपीजी उतारने के लिए आधुनिक ‘मिड-सी ट्रांसफर’ तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के तहत समुद्र के बीच ही बड़े जहाज से गैस को छोटी इकाइयों या पोर्ट की पाइपलाइन सुविधाओं तक स्थानांतरित किया जाता है। इससे न केवल समय की भारी बचत होती है, बल्कि अनलोडिंग की प्रक्रिया भी काफी तेज हो जाती है। अधिकारियों का मानना है कि इस खेप के पहुंचने से घरेलू बाजारों में एलपीजी की उपलब्धता में तेजी आएगी और आपूर्ति श्रृंखला में बना गतिरोध जल्द ही समाप्त हो जाएगा।

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में लगातार सफल रहा है। ‘जग वसंत’ से पहले भी एमटी शिवालिक, एमटी नंदा देवी और जग लाडकी जैसे बड़े टैंकर भारतीय तटों पर सफलतापूर्वक कच्चा तेल और गैस पहुंचा चुके हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा ईरान के एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमले न करने के ताजा बयान के बीच, भारत अपनी रुकी हुई खेपों को तेजी से देश लाने की कोशिश कर रहा है। कांडला जैसे रणनीतिक ऊर्जा केंद्रों पर इन जहाजों के पहुंचने से आने वाले दिनों में घरेलू एलपीजी की कीमतों और स्टॉक में स्थिरता आने की पूरी उम्मीद है।

सियासी मियार की रीपोर्ट