Sunday , March 29 2026

व्हाट इज़ लव, ए जर्नी टू फाइंड द सेल्फ प्रदर्शनी: कला के माध्यम से समावेशन और आत्म-अभिव्यक्ति का संदेश

व्हाट इज़ लव, ए जर्नी टू फाइंड द सेल्फ प्रदर्शनी: कला के माध्यम से समावेशन और आत्म-अभिव्यक्ति का संदेश

नई दिल्ली, 29 मार्च। इंडिया हैबिटेट सेंटर के ओपन पाम कोर्ट में आयोजित व्हाट इज़ लव ए जर्नी टू फाइंड द सेल्फ शीर्षक से एक भावनात्मक और प्रेरणादायक कला प्रदर्शनी का शुभारंभ शनिवार को हुआ। यह प्रदर्शनी 28 से 31 मार्च 2026 तक प्रतिदिन सुबह 11:00 बजे से शाम 7:30 बजे तक आयोजित की जा रही है।

इस प्रदर्शनी का आयोजन प्रभात सोसायटी फॉर चाइल्ड डेवलपमेंट द्वारा किया गया है, जबकि इसकी संकल्पना डॉ. मधुमिता पुरी ने की है। प्रदर्शनी में आजीवन आश्रय देखभाल में रह रही 15 बौद्धिक दिव्यांग युवतियों की कला यात्रा को प्रस्तुत किया गया है।

पांच माह तक चले इस रचनात्मक कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने प्रेम क्या है? जैसे गहन प्रश्न पर अपनी भावनाओं, स्मृतियों और अनुभवों को कला के माध्यम से व्यक्त किया। इनमें कुछ प्रतिभागी शारीरिक रूप से दिव्यांग और श्रवण बाधित भी हैं, जो इस पहल को और अधिक समावेशी बनाता है।

कलाकार सुपर्णा अरोड़ा (सिरेमिक), शालिनी दत्त (टेक्सटाइल) और सुजाता दास (पेंटिंग) के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने सुरक्षित और सहयोगात्मक वातावरण में नियमित सत्रों के माध्यम से अपनी रचनात्मकता को विकसित किया।

प्रदर्शनी में सिरेमिक कलाकृतियां, वस्त्र कला, पेंटिंग, इंस्टॉलेशन, फोटोग्राफ्स और सामूहिक रचनाएं प्रदर्शित की गई हैं। मिट्टी, कपड़े, रंग, ध्वनि और सामूहिक कला के माध्यम से प्रतिभागियों ने अपने अनुभवों जैसे अपनापन, स्मृति, आशा और सुकून को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है।

यह पहल केवल एक कला कार्यक्रम नहीं, बल्कि उपचार, आत्म-सम्मान और जुड़ाव का माध्यम भी बनी, जहां प्रतिभागियों ने अपनी पहचान को पुनः स्थापित करते हुए अपनी भावनाओं को अभिव्यक्ति दी।

प्रदर्शनी समाज को समावेशन और संवेदनशीलता के प्रति जागरूक करते हुए यह संदेश देती है कि कला की कोई सीमा नहीं होती और हर व्यक्ति की आवाज महत्वपूर्ण है।

सियासी मियार की रीपोर्ट