सेबी ने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के लिए लॉन्च किए तीन नए आईटी प्लेटफॉर्म, डिजिटल होंगे न्यायिक कार्य और साइबर ऑडिट, बाजार नियमों को किया गया और भी आसान

मुंबई, 12 अप्रैल भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने देश में कारोबारी सुगमता को बढ़ाने के लिए तीन अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म—’SUPCOMS’, ‘ई-एडजुडिकेशन पोर्टल’ और ‘C-SAC’ लॉन्च किए हैं। ‘SUPCOMS’ प्लेटफॉर्म सेबी और बाहरी संस्थाओं के बीच पारंपरिक ईमेल संवाद की जगह लेगा, जिससे सभी आधिकारिक बातचीत एक सुरक्षित और केंद्रीयकृत स्थान पर उपलब्ध होगी। वहीं, ‘ई-एडजुडिकेशन पोर्टल’ के माध्यम से अर्ध-न्यायिक कार्यवाहियों को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है। अब संस्थाएं सीधे ऑनलाइन नोटिस डाउनलोड कर सकेंगी, जवाब दाखिल कर सकेंगी और डिजिटल सुनवाई के जरिए अपना पक्ष रख सकेंगी, जिससे कानूनी प्रक्रियाओं में लगने वाले समय में भारी कमी आएगी।
सेबी ने साइबर खतरों से निपटने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित उन्नत प्लेटफॉर्म ‘C-SAC’ (साइबर-सेक ऑडिट कंप्लायंस) पेश किया है। यह प्रणाली विनियमित संस्थाओं द्वारा जमा की गई साइबर ऑडिट रिपोर्ट का बारीकी से विश्लेषण करेगी और जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान कर कंपनियों को ‘रिस्क स्कोर’ प्रदान करेगी। एआई तकनीक का उपयोग होने से सेबी को डेटा-आधारित त्वरित निर्णय लेने में मदद मिलेगी, जिससे भारतीय शेयर बाजार का सुरक्षा तंत्र और भी मजबूत होगा। यह कदम वित्तीय क्षेत्र में तकनीकी सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
इन नई तकनीकी पहलों का मुख्य उद्देश्य भारतीय शेयर बाजार के रेगुलेटरी इकोसिस्टम को पूरी तरह से पेपरलेस और आधुनिक बनाना है। सेबी द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इन प्लेटफॉर्म्स के आने से संस्थागत डेटा बैंक (इंस्टीट्यूशनल मेमोरी) का निर्माण होगा और भविष्य में संचार संबंधी त्रुटियों की संभावना खत्म हो जाएगी। इन डिजिटल सुधारों से न केवल विदेशी और घरेलू निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि नियामक प्रक्रियाओं में मानवीय हस्तक्षेप कम होने से जवाबदेही भी तय होगी। सेबी के इस कदम को वित्तीय जगत में डिजिटल क्रांति और सुरक्षा के समन्वय के रूप में देखा जा रहा है।
सियासी मियार की रीपोर्ट
Siyasi Miyar | News & information Portal Latest News & Information Portal