यूक्रेन में फंसे तमिलनाडु के छात्रों ने जल्द निकाले जाने की गुहार लगायी…

चेन्नई, 26 फरवरी। यूक्रेन के खिलाफ रूस का हमला शनिवार को भी जारी रहने पर वहां फंसे तमिलनाडु के छात्रों ने उन्हें जल्द से जल्द निकालने की गुहार लगायी है और कहा है कि उनके पास जरूरी सामान की किल्लत हो गयी है। उन्होंने ‘‘धमाकों की बार-बार आती आवाज’’ के बीच अपनी जान को खतरा बताया है।
एक वीडियो में तमिलनाडु के छात्र सरकार से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और जल्द से जल्द अपनी स्वदेश वापसी के लिए सभी कदम उठाने की अपील कर रहे हैं। ये छात्र एक तरह के केंद्र में शरण लिए हैं और उनके साथ कई युवा तंगहाली में रहते हुए दिख रहे हैं।
वीडियो में एक छात्रा को कहते हुए सुना जा सकता है, ‘‘कोई चिकित्सा उपकरण नहीं है, कोई सुरक्षा उपाय नहीं है…हमारी जान की कोई गारंटी नहीं है। हम बिना भोजन, पानी, पैसे के संघर्ष कर रहे हैं और एटीएम से नकदी भी नहीं निकाल पा रहे हैं।’’
एक अन्य छात्र ने यूक्रेन में भारतीय दूतावास से अशांत पूर्वी यूरोपीय देश में अपनी सुरक्षा के लिए तत्काल हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया। उसने देश से निकाले जाने संबंधी प्रक्रिया के संदर्भ में कहा, ‘‘हमने कम से कम 15 फॉर्म भरे हैं लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया। हमें बार-बार धमाकों की आवाज आ रही है।’’
तमिलनाडु सरकार के अनुसार, राज्य के तकरीबन 5,000 छात्र यूक्रेन में फंसे हैं, जिनमें से ज्यादातर पेशेवर पाठ्यक्रमों की पढ़ाई कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से यूक्रेन में फंसे तमिलनाडु के छात्रों को निकालने के लिए विशेष वंदे भारत अभियान चलाने का अनुरोध किया है। उन्होंने यह भी एलान किया कि राज्य सरकार स्वदेश वापसी पर इन सभी नागरिकों की यात्रा का खर्च वहन करेगी।
सियासी मीयार की रिपोर्ट
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