मेक्सिको ने बढ़ाया टैक्स, कार एक्सपोर्ट पर मंडराने लगा खतरा

नई दिल्ली, 18 दिसंबर । मेक्सिको सरकार ने उन देशों से आने वाली कारों पर आयात शुल्क 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने का फैसला लिया है, जिनके साथ उसका कोई फ्री ट्रेड एग्रीमेंट नहीं है। भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए मेक्सिको से आई यह खबर चिंता बढ़ाने वाली है। मेक्सिकों सरकार के इस फैसले के बाद करीब 1 अरब डॉलर यानी लगभग 8,000 करोड़ रुपये के भारतीय कार एक्सपोर्ट पर खतरा मंडराने लगा है। मेक्सिको, दक्षिण अफ्रीका और सऊदी अरब के बाद भारत का तीसरा सबसे बड़ा पैसेंजर व्हीकल एक्सपोर्ट मार्केट है। भारत से मेक्सिको भेजी जाने वाली कारों में स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन की हिस्सेदारी करीब 50 प्रतिशत है, जबकि हुंडई, निसान और मारुति सुजुकी भी अहम खिलाड़ी हैं। भारत से एक्सपोर्ट होने वाली ज्यादातर कारें छोटी और 1.0 लीटर से कम पेट्रोल इंजन वाली होती हैं, जो किफायती और फ्यूल एफिशिएंट हैं। ये कारें मेक्सिको की घरेलू इंडस्ट्री से सीधे मुकाबले में नहीं आतीं, क्योंकि वहां ज्यादातर बड़ी और हाई-स्पेक कारें बनाई जाती हैं। टैरिफ में 30 प्रतिशत पॉइंट की बढ़ोतरी से भारत का सबसे बड़ा फायदा यानी लो-प्राइसिंग एडवांटेज कमजोर पड़ जाएगा। इससे कारों की लैंडेड कॉस्ट बढ़ेगी और डिमांड पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। कंपनियों के सामने या तो मार्जिन घटाने या एक्सपोर्ट कम करने जैसी मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। एसआईएएम ने पहले ही भारत सरकार से मेक्सिको के साथ बातचीत करने की अपील की थी।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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