हैंड रीडिंग, फेस रीडिंग…
-स्व. घनश्याम रंजन-

काका जब काफी हाउस के कोने में रखी मेज के पास पड़ी कुर्सी पर बैठा तो नीरेन ने उसे देख लिया। नीरेन दूसरी मेज पर बैठा था। और वहां बातों का सिलसिला शायद खत्म हो गया था। या वहां ऐसा वातावरण छा गया था जहां बैठना नीरेन को ठीक नहीं लगा था। देखा तो काका ने भी नीरेन को था, पर वह अनदेखा कर गया था। अनदेखा कर जाना अहमवादी होने का संकेत है। इसीलिए काका ने नीरेन को देख कर भी, उसकी ओर नहीं देखा और दूसरी-दूसरी मेजों को घेरे- बैठे लोगों को देखने लगा। यूं ही देखने लगा।
नीरेन लोगों में ज्यादा पापुलर है। बिना जान पहचान के जान पहचान पैदा कर लेता है। बातूनी है। और काका बात करने के मूड में नहीं था। और चाह रहा था कि नीरेन उसे विश न करे। चाह रहा था कि वह अकेला इस मेज को छेक कर बैठा रहे। मगर आदमी के चाहने से क्या होता है? जब तक काका नीरेन को विश न करने के विषय में सोचता रहा, नीरेन उसकी मेज पर झुक कर कुर्सी खिसका रहा था। और कह रहा था- आज तुम्हारा हाथ देखूंगा।
काका जानता था नीरेन हाथ देखने को कहकर आज शाम की काफी का बिल उसके मत्थे मढेगा। हाथ की रेखाएं देखेगा। शादी की और बच्चों की भविष्यवाणी करेगा। हार्टलाइन और वीनस की बात करेगा। और कहेगा मैंने फलां-फलां को यह-यह बताया था। सब सच निकला। जब नीरेन उसकी बगल में बैठने गया तो काका उसे कैसे भगाता। लेकिन उसने उसी क्षण एक निर्णय ले लिया। और बोला- हां, आज मैं भी चाहता था कि तुम मेरा हाथ देखकर बताओ कि मैं फॉरेन कब जाऊंगा।
-हां, मैं सब बताऊंगा।
फिर नीरेन उस मेज की ओर देखने लगा, जहां से उठकर आया था। उन लोगों को देखने लगा, जिनको वहां छोड़कर आया था।
काफी हाउस का वातावरण आवाजों से भनभना रहा था। नीरेन जब काका उसकी ओर घूमा तब काका नीरेन को देख रहा था। और नीरेन की फेस रीडिंग कर रहा था। उसका दावा था कि वह आंख की बनावट देखकर आदमी का स्वभाव बता सकता है। नीरेन की आंखें देखकर उस समय उसने अपने मन में एक धारणा बना ली थी। उसने टेढ़ी कोर की आंखों वाले कई लोगों का स्वभाव एक सा पाया था।
- लाओ, हाथ इधर करो।
काका ने अपना हाथ उसकी ओर बढ़ाने की बजाए एक प्रश्न कर दिया। मेरी जन्मकुंडली तुम ले गए थे। उसकी रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली।
- हां, वह रखी है।
- तुमने वह पढ़ी थी।
- हां पढ़ी है।
- तुमने कहा था दिसम्बर में मुझे विदेश जाने का अवसर मिलेगा। तो फरवरी हो गई है। और आसार कहीं नहीं नजर आते।
- तुम अपने हाथ का इम्प्रेशन एक कागज पर उतार कर देना, तो कुंडली के साथ उसकी रीडिंग करूंगा।.. बेयरा, दो काफी।… अच्छा अपना हाथ इधर करो।
काका इस बार फिर नीरेन की फेस रीडिंग करने लगा। उसकी नाक की हड्डी आंख के पास बैठी हुई थी और नाक का अग्र भाग नोकीला न होकर गोल पकोड़ी की तरह का था। काका ने इस तरह की नाक वालों को सेल्फिश और अवसरवादी और चाटुकार चरित्र का पाया था। और वह यह याद करने में उलझ गया कि नीरने में किस-किस अवसर पर सेल्फिशनेस और अवसरवादिता दिखाई है। और कब कब चाटुकारिता की थी।
तभी बेयरा काफी रख गया।
नीरेन ने एक घूंट सिप की और फिर अपनी बात दोहाई- हाथ इधर करो न!
- हां, मैं हाथ दिखाता हूं। और अपनी जन्मकुंडली भी।
कहकर काका ने जेब से साइनपेन निकाला और मेज पर लकीरें खींचने लगा। खाने बनाए और उनमें गिनती और राशियों के नाम लिख डाले। मेज पर एक ओर अपनी जन्मतिथि, दिन और समय भी लिख दिया। फिर उसने मेज पर जोर से थपकी मार कर कहा- यह रही मेरी जन्मकुंडली और यह रहा हाथ। अब बताओ।
मेज पर इतनी जोर की आवाज हुई कि उसने काफी हाउस में बैठे लोगों की निगाहें उनकी ओर खींच लीं। वे समझने लगे कि आज नीरेन पर किसी ने चढ़ाई कर दी है।
नीरेन हक्का बक्का होकर काका को देखने लगा। और काका भविष्यवक्ता नीरेन की फिर फेस रीडिंग करने लगा।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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