कर्जदारों को फिलहाल राहत नहीं, वित्त वर्ष 2027 में भी स्थिर रह सकती हैं ब्याज दरें, RBI की नई रिपोर्ट में महंगाई और विकास दर पर बड़ा खुलासा

नई दिल्ली, 18 फरवरी । भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति वित्त वर्ष 2027 में भी नीतिगत ब्याज दरों को स्थिर रख सकती है। क्रिसिल रेटिंग्स की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई में हल्की बढ़ोतरी की आशंका के चलते फिलहाल दरों में कटौती की गुंजाइश कम है। रिपोर्ट बताती है कि खाद्य महंगाई के सामान्य स्तर पर बने रहने और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण आरबीआई ‘वेट एंड वॉच’ की नीति अपना सकता है। इसका सीधा मतलब है कि होम लोन और कार लोन की ईएमआई (EMI) कम होने का इंतजार कर रहे कर्जदारों को अभी और समय धैर्य रखना होगा।
क्रिसिल के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 में भारत की जीडीपी (GDP) वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है। हालांकि वास्तविक वृद्धि पर कुछ दबाव दिख सकता है, लेकिन केंद्र सरकार के पूंजीगत व्यय और निजी निवेश में सुधार से अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। राहत की बात यह है कि भारत-यूएस व्यापार समझौते के बाद रुपए की स्थिति मजबूत हुई है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की वापसी से रुपए पर दबाव कम हुआ है और अनुमान है कि मार्च 2027 तक रुपया 89 प्रति डॉलर के स्तर पर स्थिर हो जाएगा, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
वित्तीय स्थितियों पर नजर डालें तो क्रिसिल फाइनेंशियल कंडीशंस इंडेक्स (FCI) फिलहाल थोड़ी सख्ती दिखा रहा है, लेकिन आरबीआई के हस्तक्षेप से बाजार में तरलता (Liquidity) बनी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, ओपन मार्केट ऑपरेशन और डॉलर-रुपया स्वैप जैसे कदमों से बैंकिंग सिस्टम को काफी सहारा मिला है। हालांकि नीतिगत दरों में तत्काल बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन पिछले समय में की गई 125 आधार अंकों की कटौती का असर अभी भी ऋण दरों पर दिख रहा है, जिससे बैंक लोन की मांग और विस्तार को निरंतर समर्थन मिल रहा है।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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