शिखा विवाद पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का बड़ा बयान, लखनऊ आवास पर 101 बटुक ब्राह्मणों का किया सत्कार, चोटी खींचने को बताया अक्षम्य महापाप

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने प्रयागराज माघ मेले में बटुक ब्राह्मणों के साथ हुई बदसलूकी के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। गुरुवार को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर उन्होंने विभिन्न गुरुकुलों से आए 101 बटुक ब्राह्मणों का भव्य स्वागत किया। अपनी पत्नी के साथ मिलकर डिप्टी सीएम ने बटुकों का तिलक लगाया, पुष्प वर्षा की और पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने सभी बटुकों को सम्मानपूर्वक भोजन कराया और उनके साथ काफी समय बिताकर उनके मन की पीड़ा को साझा किया।
प्रयागराज की घटना पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए ब्रजेश पाठक ने कहा कि बटुकों की शिखा (चोटी) खींचना एक ‘महापाप’ है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जिन लोगों ने भी पूजनीय बटुकों का अपमान किया है, उन्हें इसका फल भुगतना पड़ेगा और यह सब ईश्वर की ‘खाता बही’ में दर्ज हो रहा है। पाठक ने स्पष्ट किया कि वे इस अन्याय के खिलाफ सदन से लेकर सड़क तक खड़े हैं। यह विवाद 18 जनवरी को मौनी अमावस्या पर पुलिस द्वारा बटुकों के साथ कथित मारपीट और बदसलूकी के बाद शुरू हुआ था।
इस संवेदनशील मामले पर अब प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। जहाँ एक तरफ समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल सिंह यादव ने ब्रजेश पाठक से इस्तीफे की मांग की है, वहीं बटुकों ने उपमुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है। बटुकों ने कहा कि पाठक पहले ऐसे नेता हैं जिन्होंने इस अपमान के खिलाफ खुलकर आवाज उठाई। इससे पहले इन बटुकों ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से भी मुलाकात की थी। फिलहाल सरकार और प्रशासन इस मामले में दोषियों पर कार्रवाई की बात कह रहे हैं, ताकि ब्राह्मणों की धार्मिक भावनाओं को संतुष्ट किया जा सके।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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