कर्नाटक : एनसीबी को बड़ी सफलता, 23.88 करोड़ की कोकीन जब्त

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की बेंगलुरु जोनल यूनिट ने केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (केआईए) पर एक बड़ी ड्रग्स तस्करी की कोशिश को नाकाम कर दिया है।
मंगलवार सुबह खास खुफिया जानकारी के आधार पर एनसीबी अधिकारियों ने एक ब्राजीलियन नागरिक यात्री को हिरासत में लिया और उसके पास से 4.776 किलोग्राम कोकीन जब्त की गई। इस कोकीन की अनुमानित स्ट्रीट वैल्यू 23.88 करोड़ रुपए बताई गई है।
एनसीबी के अनुसार, आरोपी ब्राजील के साओ पाउलो से दोहा (कतर) गया था और वहां से दोहा-बेंगलुरु फ्लाइट में सवार हुआ। उसके चेक-इन बैगेज की गहन जांच के दौरान चार लेडीज हैंडबैग बरामद हुए, जिन्हें विशेष रूप से संशोधित किया गया था। इन बैग में नकली दीवारें और छिपे हुए निचले डिब्बे बनाए गए थे।
इन कैविटी में कई कपड़े रखे गए थे, जिनमें कोकीन को केमिकल प्रोसेस से भिगोकर सोखा गया था। यह तरीका तस्करों द्वारा आमतौर पर इस्तेमाल किया जाता है, क्योंकि कपड़ों में ड्रग्स की मौजूदगी का पता लगाना मुश्किल होता है।
एनसीबी अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को तुरंत हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। जांच का फोकस इस बात पर है कि आरोपी तस्करी की पूरी साजिश में किस स्तर पर शामिल था, स्रोत (सप्लायर) कौन है, डेस्टिनेशन (अंतिम गंतव्य) कहां था और क्या यह अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क का हिस्सा है। आरोपी के फोन, दस्तावेज और अन्य सामग्री की जांच की जा रही है ताकि नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके।
इस मामले में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट, 1985 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा और आगे की रिमांड के लिए आवेदन किया जाएगा। एनसीबी ने इस सफल इंटरसेप्शन को अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी के खिलाफ बड़ी जीत बताया है, खासकर जब भारत में कोकीन की तस्करी बढ़ रही है।
एनसीबी ने जनता से अपील की है कि यदि किसी के पास नारकोटिक ड्रग्स या साइकोट्रोपिक पदार्थों की बिक्री, तस्करी या नेटवर्क से जुड़ी कोई जानकारी है, तो वह तुरंत एमएएनएएस-नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन (टोल-फ्री नंबर 1933) पर कॉल कर सकती है। कॉल करने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। एनसीबी ने कहा कि ऐसी जानकारी से न केवल तस्करों पर शिकंजा कसा जा सकता है, बल्कि समाज को ड्रग्स के खतरे से भी बचाया जा सकता है।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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