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ईरान के साथ सीजफायर के बाद DC में बढ़ी हलचल, व्हाइट हाउस घेरने पहुंचे प्रदर्शनकारी, ट्रंप के खिलाफ नारेबाजी

ईरान के साथ सीजफायर के बाद DC में बढ़ी हलचल, व्हाइट हाउस घेरने पहुंचे प्रदर्शनकारी, ट्रंप के खिलाफ नारेबाजी

वॉशिंगटन, डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद ईरान पर हमले 15 दिनों के लिए टाल दिए हैं। वहीं, वॉशिंगटन में इस फैसले के खिलाफ व्हाइट हाउस के बाहर भारी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।

अमेरिका और ईरान के बीच 15 दिनों के लिए युद्धविराम की घोषणा के बाद वॉशिंगटन में हलचल तेज हो गई है। राजधानी में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी व्हाइट हाउस के बाहर इकट्ठा हुए और सरकार के फैसले के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह निर्णय जल्दबाजी में लिया गया है और इससे क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।

कुछ लोगों ने इसे ट्रंप प्रशासन की कमजोर कूटनीतिक कदम बताते हुए सरकार से पारदर्शिता की मांग की। सुरक्षा की दृष्टि से व्हाइट हाउस के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और भारी संख्या में फोर्स तैनात किए गए हैं।

ईरान पर हमले नहीं करेगा अमेरिका
सीजफायर के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फिलहाल सैन्य कार्रवाई रोकने का ऐलान किया है। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच डिप्लोमैटिक संवाद का रास्ता खोलना है। इसके साथ ही इजरायल ने भी ईरान पर हमले रोकने के लिए सहमति जताई है। अब अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधि इस्लामाबाद में आमने-सामने बैठकर वार्ता करेंगे।

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि वह दो हफ्तों के लिए ईरान पर बमबारी और सैन्य हमले स्थगित करने पर सहमत हैं। उन्होंने इसे व्यापक युद्धविराम की दिशा में एक सही कदम बताया। ट्रंप ने कहा कि यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर के साथ हुई वार्ता के बाद लिया गया।

होर्मुज खोलने की शर्त पर सीजफायर
राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह सीजफायर इस शर्त के साथ है कि ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना होगा। उन्होंने कहा कि यह कदम क्षेत्र में तनाव को कम करने और शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक है।

इस्लामाबाद में होगी शांतिवार्ता
विश्लेषकों का मानना है कि यह दो हफ्तों का युद्ध-विराम न केवल संघर्ष को अस्थाई रूप से रोकता है, बल्कि कूटनीतिक समाधान की दिशा में भी एक अवसर प्रदान करता है। इस दौरान पाकिस्तान की मध्यस्थता ने दोनों देशों के बीच संवाद को संभव बनाया और इस्लामाबाद में होने वाली बैठक संभावित स्थाई शांति के लिए अहम साबित हो सकती है।

कुल मिलाकर, अमेरिका और ईरान के बीच यह युद्ध-विराम और आगामी वार्ता क्षेत्रीय स्थिरता के लिए निर्णायक साबित हो सकती है, जबकि वॉशिंगटन में जारी प्रदर्शन सरकार के फैसले पर जनता की प्रतिक्रिया को भी दर्शाते हैं।

सियासी मियार की रीपोर्ट