सरकार ने पांच किग्रा के एलपीजी की आपूर्ति बढ़ाई, पीएनजी का विस्तार तेज किया: पेट्रोलिय मंत्रालय

नई दिल्ली, 14 अप्रैल । पश्चिम एशिया संकट के बीच सरकार ने पांच किलोग्राम के छोटे एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति बढ़ा दी है। साथ ही पाइप से मुहैया कराई जाने वाली नेचुरल गैस (पीएनजी) के कनेक्शन का विस्तार तेज कर दिया है। वहीं, घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति निर्बाध जारी है, जबकि बीते कल 52.3 लाख से ज्यादा घरेलू सिलेंडरों का वितरण किया गया है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने रविवार को जारी एक बयान में बताया कि 23 मार्च से अब तक पांच किलोग्राम के 13 लाख से ज्यादा एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति की गई है, जबकि इनकी दैनिक बिक्री एक लाख से अधिक हो गई है। मंत्रालय ने कहा कि यह कदम प्रवासी श्रमिकों और कम आय वर्ग के उपभोक्ताओं तक पहुंच बढ़ाने के लिए उठाया गया है।
मंत्रालय ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने औचक निरीक्षण तेज किए, 219 एलपीजी वितरकों पर जुर्माना लगाया गया, जबकि 56 की डिस्ट्रीब्यूटरशिप निलंबित किए गए हैं। मार्च 2026 से अब तक 4.24 लाख से अधिक पीएनजी कनेक्शन जारी किया गया, जबकि 4.66 लाख से ज्यादा नए ग्राहकों ने पंजीकरण कराया है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि देशभर में बंदरगाहों का परिचालन सामान्य है, कहीं से भी भीड़-भाड़ की सूचना नहीं है। साथ ही इस क्षेत्र में मौजूद भारतीय समुदाय की सुरक्षा और उनके कल्याण के लिए प्रयास तेज किए गए हैं। मंत्रालय ने बताया कि 28 फरवरी से अब तक इस क्षेत्र से लगभग 8.97 लाख यात्रियों का भारत आगमन हुआ।
मंत्रालय ने कहा कि इसी अवधि में 4.24 लाख से अधिक नए पीएनजी कनेक्शन दिए गए हैं, जबकि 30,000 से अधिक उपभोक्ताओं ने एलपीजी कनेक्शन वापस कर पीएनजी को अपनाया है। मंत्रालय ने कहा कि संकट से पहले फरवरी में जहां रोजाना लगभग 77,000 सिलेंडर बिक रहे थे, वहीं पिछले दो-तीन सप्ताह में यह संख्या एक लाख से अधिक हो गई है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि घरेलू एलपीजी आपूर्ति कुल मिलाकर स्थिर बनी हुई है और कहीं भी कमी की सूचना नहीं है। 11 अप्रैल को 52 लाख से अधिक सिलेंडर वितरित किए गए। इसमें मांग का लगभग 98 प्रतिशत हिस्सा ऑनलाइन बुकिंग के जरिए पूरा हो रहा है, जबकि वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए 93 फीसदी लेन-देन में सत्यापन प्रणाली लागू की गई है।
मंत्रालय ने कहा कि वाणिज्यिक एलपीजी की उपलब्धता भी अब संकट-पूर्व स्तर के करीब 70 फीसदी तक बहाल हो गई है। वहीं, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एवं गैस विपणन कंपनियां इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड राज्य सरकारों के साथ मिलकर आपूर्ति को सुचारु बना रही हैं।
पेट्रोलयिम मंत्रालय रने कहा कि तेल रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। साथ ही, घरेलू एलपीजी उत्पादन भी बढ़ाया गया है। मंत्रालय के मुताबिक छह सप्ताह से जारी पश्चिम एशिया संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित किया है। भारत अपनी जरूरत का लगभग आधा कच्चा तेल, 40 फीसदी गैस और 85-90 फीसदी एलपीजी इस क्षेत्र से आयात करता है, जिस पर इस संकट का असर पड़ा है। हालांकि कच्चे तेल की कमी को अन्य स्रोतों से पूरा कर लिया गया है, लेकिन अभी एलपीजी आपूर्ति प्रभावित हुई है।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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