महिला आरक्षण संबंधी विधेयक सांसदों से साझा करने में देरी प्रधानमंत्री की ‘बुलडोजर मानसिकता’: कांग्रेस
नई दिल्ली, कांग्रेस ने मंगलवार को दावा किया कि महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन और परिसीमन से संबंधित विधेयकों की प्रतियां सांसदों को साझा करने में विलंब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘बुलडोजर मानसिकता’ का परिचायक है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री की हालिया टिप्पणी को लेकर कटाक्ष करते हुए कहा कि ‘‘जो कभी अपने आप को ‘नॉन-बायलॉजिकल’ मानते थे, वह अब कह रहे हैं कि गृहस्थ नहीं हैं।’’
संसद के बजट सत्र से तहत दोनों सदनों की तीन दिवसीय बैठक 16, 17 और 18 अप्रैल को होगी। सरकार इस दौरान नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन और परिसीमन से जुड़े विधेयक लाने की तैयारी में है।
रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘संसद का विशेष सत्र परसों, 16 अप्रैल से शुरू होगा, वह भी उस समय जब तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार अपने चरम पर होगा। मोदी सरकार ने चुनाव खत्म होने के बाद (आज से पंद्रह दिन बाद) सर्वदलीय बैठक बुलाने की विपक्ष की बिल्कुल सही और जायज़ मांग को खारिज कर दिया है।’
उन्होंने कहा, ‘आज सुबह तक भी मोदी सरकार ने सांसदों के साथ उन संविधान संशोधन विधेयकों को साझा नहीं किया है, जिन पर उन्हें चर्चा और मतदान करना है। यह लोकतंत्र का पूरी तरह मजाक उड़ाने जैसा है और प्रधानमंत्री की बुलडोजर मानसिकता को दिखाता है, जो कभी खुद को नॉन- बायलॉजिकल बताते थे और अब कहते हैं कि वे गृहस्थ नहीं हैं।’
प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को एक महिला सम्मेलन में कहा था कि वित्तीय सशक्तीकरण ने महिलाओं को परिवार में अधिक अधिकार दिये हैं, जिन्हें परंपरागत रूप से हाशिए पर रखा गया था।
उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में यह भी कहा था कि भले ही वह ‘‘गृहस्थ’ नहीं हैं, लेकिन इससे पूरी तरह अवगत हैं।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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