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मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत आएंगे US विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा सहित कई बड़े समझौतों पर बन सकती है बात

मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत आएंगे US विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा सहित कई बड़े समझौतों पर बन सकती है बात

मिडिल ईस्ट, 15 अप्रैल। पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की 40 मिनट लंबी बातचीत के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो की भारत यात्रा तय हुई है, जिसमें बड़े रक्षा-ऊर्जा समझौतों पर चर्चा होगी।

ईरान से जारी तनावपूर्ण हालात के बीच मंगलवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच लगभग 40 मिनट तक फोन पर बातचीत हुई। इस बातचीत की जानकारी भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने साझा की। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं के बीच यह चर्चा वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों के साथ-साथ द्विपक्षीय सहयोग को लेकर भी महत्वपूर्ण रही।

राजदूत गोर ने यह भी जानकारी दी कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो अगले महीने भारत की यात्रा पर आने वाले हैं। इस दौरान वह भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अन्य वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इस बैठक में दोनों देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है।

कई बड़े समझौतों पर बन सकती है बात
गोर के अनुसार, भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा, व्यापार और तकनीकी क्षेत्रों में कई बड़े समझौते जल्द हो सकते हैं। हालांकि, इन संभावित समझौतों का पूरा विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। यह संकेत देता है कि दोनों देश अपने आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई देने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।

बातचीत के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति गर्मजोशी भी दिखाई और कहा, “हम सब आपसे प्यार करते हैं।” यह बयान दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत और कूटनीतिक संबंधों की मजबूती को दर्शाता है।

मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालात पर चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी ने भी बातचीत के बाद सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग में हुई प्रगति की समीक्षा की और भारत-अमेरिका वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

होर्मुज स्ट्रेट खोलने पर लंबी बातचीत
मध्य पूर्व के मौजूदा हालात पर भी दोनों नेताओं ने चर्चा की। खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित बनाए रखने पर जोर दिया गया, क्योंकि यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है। इसमें किसी भी प्रकार की बाधा का असर पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजारों पर पड़ सकता है।

यह भी बताया गया कि इस वर्ष मोदी और ट्रंप के बीच यह तीसरी बार बातचीत हुई है। इससे पहले फरवरी और मार्च में भी दोनों नेताओं के बीच महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो चुकी है। हालिया बातचीत को अमेरिका और ईरान के बीच हुई शांति वार्ता के बाद एक अहम कूटनीतिक संवाद माना जा रहा है।

सियासी मियार की रीपोर्ट