भारत के जीएसटी संग्रह ने रचा नया इतिहास: अप्रैल में रिकॉर्ड 2.43 लाख करोड़ रुपये का हुआ कलेक्शन
-घरेलू व्यापार और आयात में उछाल से राजस्व में दर्ज हुई शानदार बढ़ोतरी

नई दिल्ली, 02 मई । देश के सकल माल एवं सेवा कर (GST) संग्रह ने अप्रैल 2026 में अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस महीने कुल जीएसटी संग्रह 8.7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2.43 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया है। पिछले साल अप्रैल 2025 में यह आंकड़ा 2.23 लाख करोड़ रुपये था। इस शानदार बढ़ोतरी का मुख्य कारण घरेलू बिक्री में इजाफा और आयात शुल्क से प्राप्त राजस्व में आई भारी तेजी को माना जा रहा है, जिसने भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत दिया है।
आंकड़ों का विश्लेषण करें तो घरेलू लेन-देन से प्राप्त सकल राजस्व 4.3 प्रतिशत बढ़कर 1.85 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। वहीं, सबसे चौंकाने वाली वृद्धि आयात से होने वाले जीएसटी संग्रह में देखी गई, जो 25.8 प्रतिशत की तेज छलांग लगाकर 57,580 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। सरकार ने इस दौरान ‘रिफंड’ जारी करने में भी तत्परता दिखाई और 31,793 करोड़ रुपये वापस किए, जो पिछले साल की तुलना में 19.3 प्रतिशत अधिक है। रिफंड के समायोजन के बाद शुद्ध जीएसटी संग्रह लगभग 2.11 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया है।
हालांकि जीएसटी संग्रह निरंतर नए उच्च स्तर को छू रहा है, लेकिन विशेषज्ञों ने विकास की गति में मामूली गिरावट की ओर भी इशारा किया है। मार्च के 8.8 प्रतिशत के मुकाबले अप्रैल में वार्षिक वृद्धि दर 8.7 प्रतिशत रही। यह संकेत देता है कि उपभोग आधारित राजस्व की गति थोड़ी धीमी पड़ रही है और वर्तमान रिकॉर्ड स्तर में आयात आधारित राजस्व की भूमिका अधिक रही है। अप्रैल 2022 के 1.67 लाख करोड़ से शुरू हुआ यह सफर अब 2.43 लाख करोड़ तक पहुंचना कर अनुपालन में सुधार और आर्थिक विस्तार की गौरवपूर्ण कहानी बयां करता है।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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