ईरान के परमाणु कार्यक्रम को राष्ट्रपति पुतिन का समर्थन: शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए एटमी ऊर्जा के इस्तेमाल की पुष्टि

मॉस्को, 13 मई। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर पश्चिमी देशों के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। मॉस्को में विक्ट्री डे परेड के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए पुतिन ने कहा कि ईरान द्वारा परमाणु हथियार बनाने की कोशिश का कोई भी ठोस सबूत मौजूद नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बुशहर परमाणु संयंत्र सहित ईरान में चल रहे ऊर्जा प्रोजेक्ट्स का मुख्य फोकस शांतिपूर्ण एटम का इस्तेमाल करना है। पुतिन ने स्पष्ट किया कि रूस का काम मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों से प्रभावित नहीं है और वे भविष्य में भी ईरान के साथ परमाणु सहयोग जारी रखने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
पुतिन ने अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष को “बेहद कठिन लड़ाई” करार दिया, जिससे रूस एक जटिल स्थिति में आ गया है। उन्होंने कहा कि रूस के ईरान और फारस की खाड़ी के देशों, दोनों के साथ मजबूत संबंध हैं, इसलिए वे दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता और बातचीत का रास्ता खोलने के लिए सक्रिय हैं। रूसी राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि यह तनाव जल्द ही समाप्त हो जाएगा, क्योंकि युद्ध को लंबा खींचने में किसी भी देश का हित नहीं है। उन्होंने कूटनीतिक समाधान की संभावनाओं पर जोर देते हुए कहा कि 2015 के समझौते की तरह अब भी नई संधियां संभव हैं।
ईरान के यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम पर उठे सवालों का जवाब देते हुए पुतिन ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने दोहराया कि रूस का प्रस्ताव अब भी टेबल पर है, जिसके तहत यूरेनियम प्रोसेसिंग का काम संयुक्त राष्ट्र के परमाणु वॉचडॉग की सीधी देखरेख और नियंत्रण में किया जा सकता है। रूस चाहता है कि ईरान का परमाणु मटीरियल पूरी तरह सुरक्षित रहे और वैश्विक समुदाय की निगरानी में रहे। पुतिन ने वाशिंगटन और तेहरान के बीच चल रहे कूटनीतिक तनाव को सुलझाने के लिए एक पारदर्शी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर आधारित ढांचे की वकालत की है।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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