सोने और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल: आयात शुल्क बढ़कर 15 प्रतिशत होने से चांदी 3 लाख और सोना 1.62 लाख के पार

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने और चालू खाता घाटे को नियंत्रित करने के लिए सोने और चांदी के आयात पर सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर सीधा 15 प्रतिशत कर दिया है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, 13 मई से सामाजिक कल्याण अधिभार और कृषि अवसंरचना विकास उपकर में भी बढ़ोतरी की गई है। सरकार का यह फैसला पश्चिम एशिया संकट के बीच बढ़ते बाहरी जोखिमों को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है। इस घोषणा के तुरंत बाद मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर कीमती धातुओं के दामों में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई है।
शुल्क वृद्धि का असर बाजार पर साफ दिख रहा है, जहाँ चांदी की कीमत 18 हजार रुपये की छलांग लगाकर 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के ऐतिहासिक स्तर पर पहुँच गई है। वहीं, 24 कैरेट सोने के दाम में भी 9 हजार रुपये की बढ़त हुई है, जिससे यह 1.62 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा है। 22 कैरेट सोने की कीमत भी बढ़कर 1,45,160 रुपये हो गई है। जानकारों का मानना है कि भारतीय रुपये और अमेरिकी डॉलर के बीच विनिमय दर में उतार-चढ़ाव और सरकार के कड़े फैसलों के कारण अगले एक साल तक कीमतें इसी उच्च स्तर पर बनी रह सकती हैं।
ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वैलरी काउंसिल (जीजेसी) ने सरकार के इस कदम पर गहरी चिंता व्यक्त की है। काउंसिल के अध्यक्ष राजेश रोकड़े का कहना है कि आयात शुल्क में इस भारी बढ़ोतरी से रत्न और आभूषण उद्योग के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो सकता है। उद्योग को डर है कि ऊंचे दामों के कारण अवैध बाजार और तस्करी को बढ़ावा मिल सकता है, जिससे देश में एक समानांतर अर्थव्यवस्था विकसित होने का खतरा है। कारोबारियों का अनुमान है कि अब उपभोक्ता भारी आभूषणों के बजाय हल्के वजन वाली ज्वेलरी को प्राथमिकता देंगे, जिससे बाजार की कुल बिक्री (वॉल्यूम) में बड़ी गिरावट आ सकती है।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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