नागपुर में रेपिडो ऐप के फाउंडर्स पर मुकदमा दर्ज, बिना सरकारी मंजूरी के पेट्रोल बाइक टैक्सी चलाने का लगा गंभीर आरोप

नागपुर, में बिना सरकारी अनुमति के ‘पेट्रोल से चलने वाली’ बाइक टैक्सी सेवा संचालित करने के मामले में प्रसिद्ध राइड-हेलिंग ऐप ‘रेपिडो’ के संस्थापकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरटीओ की शिकायत पर सीताबल्डी पुलिस ने रूपन ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज के संस्थापकों—ऋषिकेश एस.आर., पवन गुंटुपल्ली और अरविंद सांका—को नामजद किया है। यह कार्रवाई आरटीओ द्वारा चलाए गए एक विशेष ‘डमी कस्टमर’ अभियान के बाद की गई, जिसमें एक निजी (व्हाइट-प्लेट) वाहन को व्यावसायिक रूप से अवैध तरीके से चलते पाया गया।
नियमों का उल्लंघन और वित्तीय नुकसान
आरटीओ की रिपोर्ट के अनुसार, रेपिडो कंपनी के पास महाराष्ट्र सरकार या प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण से पेट्रोल बाइक टैक्सी चलाने की कोई वैध मंजूरी नहीं है। विभाग का आरोप है कि कंपनी ने जानबूझकर निजी वाहनों का व्यावसायिक उपयोग को बढ़ावा दिया, जिससे न केवल राज्य सरकार को राजस्व का नुकसान हुआ, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा से भी खिलवाड़ हुआ। महाराष्ट्र की मौजूदा नीति में वर्तमान में केवल इलेक्ट्रिक (ईवी) बाइक टैक्सियों को ही सीमित शर्तों के साथ अनुमति दी गई है।
गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज
इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(3) (धोखाधड़ी) समेत मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं और आईटी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। वाहन को जब्त करने के साथ ही विभाग ने इसे परिवहन नियमों का घोर उल्लंघन माना है। पुलिस अब कंपनी के संचालन और उसके व्यावसायिक मॉडल्स की गहराई से जांच कर रही है, ताकि इस अवैध परिवहन नेटवर्क के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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