नमन धीर की आक्रामक बल्लेबाजी के कायल हुए पुजारा, बोले- ऐसा करने के लिए चाहिए खास तैयारी

नई दिल्ली, 18 अक्टूबर । भारत के पूर्व बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने वेस्टइंडीज के खिलाफ बेंगलुरु में खेले गए बारिश से प्रभावित पांचवें टी20 मुकाबले में नमन धीर की तूफानी नाबाद पारी (सिर्फ 6 गेंदों पर 24 रन) की तारीफ की है। उन्होंने बताया कि दबाव वाले हालात में इस तरह का असरदार प्रदर्शन करने के लिए कितनी तैयारी की जरूरत होती है।
उन्होंने टीम मैनेजमेंट से यह भी कहा कि आने वाले वर्षों के लिए स्पिन विकल्पों की पहचान की जाए और उन्हें लगातार समर्थन दिया जाए। उन्होंने वरुण चक्रवर्ती के साथ-साथ कुलदीप यादव और रवि बिश्नोई का भी जिक्र किया, जिन पर विचार किया जा सकता है। मैच के अंत में धीर की आक्रामक बल्लेबाजी ने दिखाया कि क्रीज पर बहुत कम समय होने के बावजूद वह कैसे तुरंत बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं। बारिश के कारण सीमित किए गए इस मैच में मुंबई इंडियंस के इस बल्लेबाज की 6 गेंदों की पारी ने एक ऐसे फिनिशर की अहमियत को दिखाया, जो आते ही बाउंड्री के पार शॉट मारने की क्षमता रखता है। पुजारा का मानना है कि नमन धीर ने जिस आसानी से बाउंड्री लगाई, उसे यह नहीं समझना चाहिए कि इसके पीछे कोई मेहनत नहीं थी।
पुजारा ने ‘जियोस्टार’ पर कहा, “वह जिस आसानी से बल्लेबाजी कर रहे थे, वह काबिले तारीफ है। उन्होंने सिर्फ 6 गेंदों का सामना किया, जिसमें से केवल 2 गेंदों पर सिंगल लिए। बाकी सभी गेंदों पर उन्होंने चौके और छक्के जड़े। 9 ओवर के इस मैच में उन्होंने 400 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। क्रीज पर आते ही हर गेंद पर चौका या छक्का मारने के लिए बहुत ज्यादा तैयारी की जरूरत होती है।”
उन्होंने आगे कहा, “जब आप उन्हें बल्लेबाजी करते हुए देखते हैं, तो आपको लग सकता है कि ‘अरे, वह तो बल्लेबाजी को बहुत आसान बना रहे हैं,’ लेकिन असल में यह इतना आसान नहीं है। जब आप उस स्थिति में बल्लेबाजी कर रहे होते हैं, तो आपके पास सोचने के लिए बिल्कुल भी समय नहीं होता। सिर्फ पांच या छह गेंदों का सामना करके 24 रन तक पहुंच जाना, मेरे हिसाब से यह शानदार है।”
बल्लेबाजी की बात करने के अलावा, पुजारा ने भारतीय क्रिकेट की एक बड़ी चुनौती पर भी अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि बदलती जरूरतों के बीच अच्छे स्पिन गेंदबाजों का एक मजबूत और स्थायी समूह बनाए रखना आसान नहीं है। उनके मुताबिक, छोटे मैदान और ज्यादा रन बनने वाले टी20 फॉर्मेट में गेंदबाजों पर काफी दबाव रहता है। ऐसे माहौल में अगर किसी गेंदबाज का एक स्पेल खराब हो जाए, तो उसका आत्मविश्वास भी जल्दी प्रभावित हो सकता है।
पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने कहा, “आपको खिलाड़ियों की पहचान करनी होगी और उनका समर्थन जारी रखना होगा। अगर बाउंड्री छोटी है, तो हो सकता है कि कुलदीप हर मैच न खेलें। इसी कारण खिलाड़ियों को यह स्पष्टता देना जरूरी है कि वह भारतीय टीम का हिस्सा बने रहेंगे। हो सकता है कि वे नियमित रूप से प्लेइंग इलेवन का हिस्सा न हों, लेकिन वे बड़े सेटअप का हिस्सा जरूर हैं। स्पिनरों को यह संदेश देना बहुत जरूरी है, क्योंकि छोटे फॉर्मेट में उनका आत्मविश्वास बहुत जल्दी डगमगा सकता है।”
उन्होंने आगे कहा, “अगर आप अपने चार ओवर के स्पेल में 40 से 50 रन लुटा देते हैं, तो आपका आत्मविश्वास कम होने लगता है; अतीत में कुलदीप के साथ ऐसा हो चुका है। इसी वजह से वरुण के बाद अपने स्पिनरों की पहचान करना जरूरी है—चाहे वह कुलदीप हों या रवि बिश्नोई। बिश्नोई अभी अच्छी गेंदबाजी नहीं कर रहे हैं, इसलिए हमें किसी और विकल्प पर भी विचार करना पड़ सकता है। यह तय करना जरूरी है कि आप अगले कुछ वर्षों में टीम में किसे देखना चाहते हैं, और उन्हें पर्याप्त मौके देने की कोशिश करनी चाहिए।”
सियासी मियार की रीपोर्ट
Siyasi Miyar | News & information Portal Latest News & Information Portal