इन स्मार्ट टिप्स से मिनटों में फुल चार्ज होगा आपका स्मार्टफोन,.. आपको कई बार कहीं जाना होता है और आपके पास फोन चार्ज करने का समय नहीं है। आप चाहते हैं कि आपका स्मार्टफोन जल्दी से चार्ज हो जाए। कई बार आपको भी लगता होगा कि आपका स्मार्टफोन बहुत स्लो …
Read More »जीवनशैली
बदलते मौसम में विटामिन सी से बनें फेसपैक लगा निखरें अपनी स्किन…
बदलते मौसम में विटामिन सी से बनें फेसपैक लगा निखरें अपनी स्किन… मौसम बदलते ही आपकी स्किन खराब होने लगती है। खाने- पने के साथ आपको अपनी स्किन की भी खास देखभाल करने की जरुरत होती है। विटामिन सी सिर्फ आपकी हेल्थ के लिए ही नहीं बल्कि आपकी स्किन के …
Read More »देश-विदेश की खूबसूरत और मशहूर सड़कें, जहां बाइक राइडिंग का है अलग ही मजा..
देश-विदेश की खूबसूरत और मशहूर सड़कें, जहां बाइक राइडिंग का है अलग ही मजा.. ट्रिप पर जाने का एक्साइटमेंट ही अलग होता है फिर चाहे आप अकेले जा रहे हों या दोस्तों के साथ। जहां कुछ लोगों को डेस्टिनेशन पर पहुंचने की जल्दबाजी होती है वहीं कुछ लोग सफर के …
Read More »बाल कहानी : ख़ुद से शुरुआत..
बाल कहानी : ख़ुद से शुरुआत.. -हरीश कुमार ‘अमित’- गरमी की छुट्टियों में नितिन अपने पापा के साथ अपने चाचा जी के यहाँ कानपुर जा रहा था। वे लोग रेलगाड़ी से जा रहे थे। गाड़ी के डिब्बे में खिड़की के पास बैठा हुआ नितिन हाथ में पकड़े बिस्कुट के पैकेट …
Read More »कविता : बूंदाबांदी…
कविता : बूंदाबांदी… रात की हल्कीबूंदाबांदी नेफिजां को दिया निखारपेड़ों पे पत्तों पेदीवारों पे मकानों पेजमीं धूलघुल गईसब कुछ हो गयानया-नयाऐसी बूंदाबांदीमानव मन पे भीहो जातीजात-पांतधर्म-मजहबकी जमी धूलभी जाती धुलआज कीफिजां की तरहजर्रा-जर्रा जातानिखर। सियासी मियार की रीपोर्ट
Read More »धरम का धंधा ..
धरम का धंधा .. -वीरेन्द्र ‘सरल‘- पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए मंत्री जी के बंगले पर एक चमचा घुस आया था पर मंत्री जी नाराज नहीं हुए बल्कि चमचे को चाहत भरी नजरों से देखने लगे। मंत्री जी को पता था कि चमचे जब भी आते हैं चासनी …
Read More »आजाद पत्नी…
आजाद पत्नी… -अंकुश्री- आजादी के लिये वह भी अपना जीवन देश के लिये सौंप देना चाहा और इसी चाह से वह चला गया सेना में भर्ती होने। राकेश अभी अपनी जिन्दगी का दूसरा दशक भी पूरा नहीं कर सका था, दो-तीन साल बाकी ही थे। गोल-गुलाबी गाल, गले से सटी …
Read More »बाल कहानी : ख़ुद से शुरुआत…
बाल कहानी : ख़ुद से शुरुआत… -हरीश कुमार ‘अमित’- गरमी की छुट्टियों में नितिन अपने पापा के साथ अपने चाचा जी के यहाँ कानपुर जा रहा था। वे लोग रेलगाड़ी से जा रहे थे। गाड़ी के डिब्बे में खिड़की के पास बैठा हुआ नितिन हाथ में पकड़े बिस्कुट के पैकेट …
Read More »मरने से पहले…
मरने से पहले… -भीष्म साहनी- मरने से एक दिन पहले तक उसे अपनी मौत का कोई पूर्वाभास नहीं था। हाँ, थोड़ी खीझ और थकान थी, पर फिर भी वह अपनी जमीन के टुकड़े को लेकर तरह-तरह की योजनाएँ बना रहा था, बल्कि उसे इस बात का संतोष भी था कि …
Read More »रेनकोट…
रेनकोट… -दीपक मशाल- पाँच-छह रेनकोट देखने के बाद भी उसे कोई पसंद नहीं आ रहा था। दुकानदार ने ‘साहब’ को एक आखिरी डिजाइन दिखाने के लिए नौकर से कहा। -पता नहीं ये आखिरी डिजाइन कैसा होगा! इन छोटे कस्बों में यही तो समस्या है कि ‘जरूरत’ की कोई चीज आसानी …
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