कश्मीर में CIK की बड़ी स्ट्राइक, अंतरराष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल के खिलाफ 10 ठिकानों पर छापेमारी, बांग्लादेश से जुड़े लश्कर-ए-तैयबा नेटवर्क का पर्दाफाश, कई डिजिटल सबूत जब्त

श्रीनगर, 26 मार्च। जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकी पारिस्थितिकी तंत्र को ध्वस्त करने के लिए आज सुबह एक बड़ा अभियान चलाया। काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) ने घाटी के तीन जिलों—श्रीनगर, गांदरबल और शोपियां में 10 अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई एक संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल की जांच के सिलसिले में की गई है। अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड गांदरबल निवासी शब्बीर अहमद लोन है, जो प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़ा है और फिलहाल बांग्लादेश में बैठकर इस आतंकी मॉड्यूल का संचालन कर रहा है।
जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि इस मॉड्यूल को न केवल बांग्लादेश बल्कि पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों से भी सीधे निर्देश मिल रहे थे। CIK ने सक्षम अदालत से वारंट प्राप्त करने के बाद यह सघन तलाशी अभियान चलाया है। छापेमारी के दौरान सुरक्षा बलों ने संदिग्ध ठिकानों से महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड जब्त किए हैं। अधिकारियों का मानना है कि यह नेटवर्क सीमा पार से युवाओं को बरगलाने और आतंकी गतिविधियों के लिए फंड जुटाने में लगा हुआ था। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मॉड्यूल से जुड़े स्थानीय संपर्कों की पहचान करना और सबूतों को पुख्ता करना है।
आतंकवाद विरोधी अभियान के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर की क्राइम ब्रांच (EOW) ने भी श्रीनगर और बडगाम में धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में छापेमारी की है। यह मामला कोरोना महामारी के दौरान मेडिकल सप्लाई के नाम पर करोड़ों रुपये की हेराफेरी से जुड़ा है। आरोपियों ने कथित तौर पर सरकारी अधिकारी बनकर दिल्ली की एक कंपनी के साथ धोखाधड़ी की और अनंतनाग के उपायुक्त कार्यालय सहित सरकारी संस्थानों से अवैध तरीके से भुगतान हासिल किए। पुलिस ने इस मामले में आईपीसी और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर डिजिटल डेटा और बैंक रिकॉर्ड्स को अपने कब्जे में ले लिया है।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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