मध्य पूर्व में जारी महायुद्ध के 28वें दिन डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दी 10 दिनों की मोहलत, शांति वार्ता के बीच ईरानी एडमिरल अलीरजा की मौत से फिर गरमाया माहौल

तेहरान/वाशिंगटन, 27 मार्च। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी भीषण युद्ध आज 28वें दिन में प्रवेश कर गया है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा कूटनीतिक दांव खेलते हुए ईरान के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने की समय सीमा 10 दिन यानी 6 अप्रैल तक बढ़ा दी है। ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर जानकारी दी कि शांति वार्ता में सकारात्मक प्रगति को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। हालांकि, ईरान ने इस प्रस्ताव को ‘एकतरफा’ बताया है। इस युद्ध में अब तक करीब 1,937 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि पाकिस्तान, तुर्किये और मिस्र जैसे देश मध्यस्थता की कोशिशों में जुटे हुए हैं ताकि क्षेत्र को पूर्ण विनाश से बचाया जा सके।
युद्ध के मैदान से एक और बड़ी खबर सामने आई है। यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया है कि इजरायली हवाई हमले में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की नेवी के कमांडर एडमिरल अलीरजा तांगसिरी मारे गए हैं। अमेरिकी सेना ने इस हमले को क्षेत्र की सुरक्षा के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया है। जवाबी कार्रवाई में ईरान के मिलिट्री हेडक्वार्टर ने भूमध्य सागर में इजरायली सैन्य जहाजों और हाइफा बंदरगाह पर फाइटर जेट के फ्यूल टैंकों को निशाना बनाने का दावा किया है। कमांडर की मौत के बाद ईरान के तेवर और कड़े हो गए हैं, जिससे तनाव कम होने के बजाय और बढ़ने की आशंका है।
एक तरफ ईरान के साथ सीधा संघर्ष जारी है, वहीं दूसरी ओर इजरायली सेना ने दक्षिण लेबनान में अपने हमलों को और तेज कर दिया है। इजरायल ने जहरानी नदी के दक्षिणी क्षेत्रों में रहने वाले सभी लेबनानी निवासियों को तुरंत इलाका खाली करने का अल्टीमेटम जारी किया है, जो इजरायली सीमा से लगभग 50 किलोमीटर दूर है। इस बीच, तेहरान और अन्य ईरानी शहरों पर अमेरिकी-इजरायली बमबारी जारी है, जिसके जवाब में IRGC खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दाग रही है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस बात को लेकर चिंतित है कि यदि 6 अप्रैल तक कोई ठोस समझौता नहीं हुआ, तो ऊर्जा संकट वैश्विक अर्थव्यवस्था को पूरी तरह चरमरा सकता है।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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