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अंडमान सागर में रोहिंग्या शरणार्थियों से भरा जहाज पलटने से मची चीख-पुकार, 250 लोगों के डूबने की आशंका

अंडमान सागर में रोहिंग्या शरणार्थियों से भरा जहाज पलटने से मची चीख-पुकार, 250 लोगों के डूबने की आशंका

-बांग्लादेश से मलेशिया जा रहे मासूमों पर टूटा दुखों का पहाड़

ढाका, 15 अप्रैल अंडमान सागर से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ रोहिंग्या शरणार्थियों और बांग्लादेशी नागरिकों को ले जा रहा एक ओवरलोडेड जहाज समुद्र की लहरों में समा गया। इस दर्दनाक हादसे में लगभग 250 लोगों के मरने की आशंका जताई जा रही है। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (UNHCR) और अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) ने एक संयुक्त बयान जारी कर इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। बताया जा रहा है कि यह जहाज दक्षिणी बांग्लादेश के टेकनाफ से मलेशिया के लिए रवाना हुआ था, लेकिन बीच समुद्र में तेज हवाओं और क्षमता से अधिक भीड़ के कारण संतुलन बिगड़ने से पलट गया।

म्यांमार के रखाइन राज्य में जारी हिंसा और बांग्लादेशी शरणार्थी शिविरों में रहने की नारकीय स्थितियों ने इन लोगों को जानलेवा समुद्री सफर करने पर मजबूर किया है। मानवीय सहायता में कटौती, शिक्षा का अभाव और रोजगार की कमी के चलते शरणार्थी अक्सर मानव तस्करों के जाल में फंस जाते हैं। तस्कर बेहतर जीवन और अच्छी सैलरी का झूठा लालच देकर इन्हें असुरक्षित छोटी नावों में भरकर भेज देते हैं। इस लापता यात्रियों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं, जो एक बार फिर इस क्षेत्र में बढ़ते मानवीय संकट की भयावह तस्वीर पेश कर रहे हैं।

एजेंसियों ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे इस संकट के समाधान के लिए एकजुट हों और बांग्लादेश में रह रहे शरणार्थियों के लिए फंडिंग जारी रखें। बयान में जोर दिया गया है कि जब तक म्यांमार में विस्थापन के मूल कारणों को दूर नहीं किया जाता और शरणार्थियों की सुरक्षित वापसी के लिए सम्मानजनक स्थितियाँ नहीं बनाई जातीं, तब तक ऐसे खतरनाक रास्तों पर मासूमों की जान जाती रहेगी। यह त्रासदी ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में नया साल मनाया जा रहा है, जो विस्थापित समुदायों के सामने खड़े असुरक्षित भविष्य की ओर इशारा करती है।

सियासी मियार की रीपोर्ट