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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अयोध्या के भव्य राम मंदिर में श्री राम यंत्र की स्थापना की, राम दरबार की उतारी आरती, राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया भव्य स्वागत

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अयोध्या के भव्य राम मंदिर में श्री राम यंत्र की स्थापना की, राम दरबार की उतारी आरती, राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया भव्य स्वागत

अयोध्या, 19 मार्च । देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज धार्मिक नगरी अयोध्या पहुंचीं, जहाँ उन्होंने भव्य राम मंदिर में विधिवत पूजन-अर्चन किया। महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी अगवानी की। एयरपोर्ट से मंदिर तक के मार्ग पर 25 स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए उनका अभूतपूर्व स्वागत किया गया। राष्ट्रपति ने मंदिर के द्वितीय तल पर स्थित तीसरे गर्भगृह में वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच ‘श्री राम यंत्र’ की स्थापना की। इस दौरान श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों और प्रकांड वैदिक आचार्यों की उपस्थिति में संपूर्ण अनुष्ठान संपन्न हुआ, जिससे समूची अयोध्या राममय हो गई।

यंत्र स्थापना के पश्चात राष्ट्रपति मुर्मू ने प्रथम तल पर विराजमान श्री राम दरबार के दर्शन किए और भगवान श्री राम, माता जानकी, लक्ष्मण, भरत एवं हनुमान जी की प्रतिमाओं की दिव्य आरती उतारी। ट्रस्ट के व्यवस्था प्रभारी गोपाल जी राव ने उन्हें राम दरबार की मूर्तियों की स्थापना और उनकी विशेषताओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। राष्ट्रपति ने परकोटा में स्थापित अन्य देवी-देवताओं के भी दर्शन किए और मंदिर की नक्काशी व स्थापत्य कला की सराहना की। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य सहित कई विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे, जिन्होंने इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनकर गौरव अनुभव किया।

राष्ट्रपति की गरिमामई उपस्थिति को देखते हुए अयोध्या में सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए थे। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात रहे और ड्रोन के जरिए निगरानी रखी गई। दर्शन पूजन के बाद राष्ट्रपति ने मंदिर निर्माण कार्य की प्रगति का भी जायजा लिया। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंददेवगिरी ने बताया कि श्री राम यंत्र की स्थापना मंदिर की आध्यात्मिक शक्ति को पूर्णता प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है। इस यात्रा ने न केवल अयोध्या के धार्मिक महत्व को वैश्विक पटल पर पुनः रेखांकित किया है, बल्कि श्रद्धालुओं के उत्साह को भी दोगुना कर दिया है। शाम को राष्ट्रपति महोदया के सम्मान में विशेष दीपोत्सव का भी आयोजन किया जा सकता है।

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