पश्चिम बंगाल चुनाव में निष्पक्षता पर चुनाव आयोग का कड़ा प्रहार: डायमंड हार्बर के पांच पुलिस अधिकारी निलंबित

नई दिल्ली, 25 अप्रैल । भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और निष्पक्षता सुनिश्चित करने में विफलता पर कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने डायमंड हार्बर जिले के पांच वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित अधिकारियों में अतिरिक्त एसपी संदीप गराई, एसडीपीओ सजल मंडल और तीन थानों के प्रभारी शामिल हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इन अधिकारियों ने चुनावी प्रक्रिया के दौरान गंभीर कदाचार किया और अपनी ड्यूटी के प्रति निष्पक्षता बनाए रखने में विफल रहे, जिसके कारण इनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही भी शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों के निलंबन के साथ-साथ चुनाव आयोग ने डायमंड हार्बर की एसपी इशानी पाल को भी कड़ी चेतावनी जारी की है। आयोग के अनुसार, एसपी अपने अधीनस्थ अधिकारियों के बीच अनुशासन और चुनाव से जुड़े संवेदनशील मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में असमर्थ रहीं। मुख्य सचिव को भेजे गए निर्देश में शनिवार सुबह 11 बजे तक अनुपालन रिपोर्ट मांगी गई है। इस कार्रवाई का उद्देश्य राज्य के शेष चुनावी चरणों में पुलिस प्रशासन को तटस्थ रहने का कड़ा संदेश देना है, ताकि किसी भी प्रकार के राजनीतिक पक्षपात की गुंजाइश न रहे।
एक तरफ जहाँ प्रशासनिक स्तर पर सख्ती बरती जा रही है, वहीं दूसरी तरफ मतदाताओं ने उत्साह के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के अनुसार, पश्चिम बंगाल के पहले चरण में 91.91 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है, जो आजादी के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है। दक्षिण दिनाजपुर और कूच बिहार जैसे जिलों में मतदान का आंकड़ा 94 प्रतिशत के पार निकल गया। राज्य की शेष 142 सीटों पर 29 मई को मतदान होना है, जिसके परिणाम 4 जून को घोषित किए जाएंगे। प्रशासन अब शेष मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने में जुट गया है।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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