मई के अंत तक शुरू हो सकती है UPI के ज़रिए पीएफ निकासी की क्रांतिकारी सुविधा

नई दिल्ली, 25 अप्रैल। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने करोड़ों सब्सक्राइबर्स को बड़ी सौगात देने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक, मई 2026 के अंत तक पीएफ का पैसा निकालने के लिए यूपीआई (UPI) आधारित सिस्टम शुरू किया जा सकता है। वर्तमान में क्लेम सेटलमेंट में लगने वाले हफ्तों के समय को खत्म करने के लिए EPFO अपने नए डिजिटल ढांचे ‘CITES 2.0’ पर तेजी से काम कर रहा है। इस सुविधा के शुरू होने के बाद, कर्मचारी अपने यूएएन (UAN) पोर्टल पर लॉगिन कर केवल अपनी यूपीआई आईडी दर्ज करके रियल-टाइम में पैसा प्राप्त कर सकेंगे, जिससे पूरी प्रक्रिया बेहद सरल और पारदर्शी हो जाएगी।
भले ही पैसा निकालना अब आसान होने जा रहा है, लेकिन EPFO ने भविष्य की सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ महत्वपूर्ण शर्तें भी तय की हैं। नए प्रावधानों के तहत, कोई भी कर्मचारी यूपीआई के माध्यम से अपने कुल पीएफ बैलेंस का अधिकतम 75 प्रतिशत हिस्सा ही निकाल पाएगा। शेष 25 प्रतिशत राशि खाते में सुरक्षित रखी जाएगी ताकि बुढ़ापे के लिए बचत बनी रहे। निकासी की यह प्रक्रिया पूरी तरह से ओटीपी (OTP) आधारित ऑथेंटिकेशन पर टिकी होगी, जिससे किसी भी प्रकार के डिजिटल फ्रॉड की गुंजाइश न रहे और पैसा सीधे कर्मचारी के लिंक किए गए बैंक खाते में पहुंचे।
इस बड़े तकनीकी बदलाव के साथ ही सरकार वर्ष 2026 की नई सामाजिक सुरक्षा स्कीम्स (EPF, EPS और EDLI) को भी पेश करने की योजना बना रही है। जानकारों का मानना है कि यूपीआई सुविधा न केवल तकनीकी खामियों के कारण होने वाले क्लेम रिजेक्शन को कम करेगी, बल्कि ईपीएफओ के ढांचे में जवाबदेही भी तय करेगी। हालांकि, इस क्रांतिकारी कदम के आधिकारिक नोटिफिकेशन का इंतजार अभी बाकी है, लेकिन यह डिजिटल अपग्रेड पूरे बैंकिंग और पेंशन सेक्टर के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि करोड़ों कर्मचारियों को आर्थिक इमरजेंसी में तुरंत राहत मिलेगी।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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