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काम पर लौटे तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम के कर्मचारी, 15 घंटे की चर्चा के बाद मध्य रात्रि में हुआ समझौता

काम पर लौटे तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम के कर्मचारी, 15 घंटे की चर्चा के बाद मध्य रात्रि में हुआ समझौता

हैदराबाद, 25 अप्रैल तीन दिन हड़ताल पर रहने के बाद तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (टीजीएसआरटीसी) के कर्मचारी शनिवार से काम पर लौट आए।

करीब 15 घंटे चली चर्चाओं के बाद सरकार और टीजीएसआरटीसी के कर्मचारी संघों के बीच शुक्रवार को आधी रात में एक समझौता हुआ, जिससे 22 अप्रैल से चल रही हड़ताल खत्म हो गई। टीजीएसआरटीसी के उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक वाई. नागिरेड्डी ने कहा कि बातचीत सफलतापूर्वक संपन्न हुई और संघ हड़ताल खत्म करने पर सहमत हो गये। पूरे राज्य में बस सेवाएं शनिवार सुबह पहली पाली से फिर से शुरू होने वाली हैं, जिससे सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था सामान्य हो जाएगी।

उन्होंने बताया कि इस समझौते की एक अहम बात यह है कि सरकार ने आरसीटी को राज्य सरकार के साथ मिलाने की लंबे समय से चली आ रही मांग पर सकारात्मक फ़ैसला लिया है। इसके तौर-तरीके और तकनीकी पहलुओं को जल्द ही अंतिम रूप दे दिया जाएगा। इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए सरकारी प्रतिनिधियों और मज़दूर नेताओं की एक आधिकारिक समिति बनाई गई है।

सरकार ने 2021 के वेतन संशोधन आयोग (पीआरसी) को लागू करने पर भी सहमति जताई है। इसके तहत, कर्मचारियों के कल्याण और निगम की आर्थिक स्थिति, दोनों को ध्यान में रखते हुए आरटीसी कर्मचारियों के वेतन में 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की गई है।

एक और बड़े फ़ैसले में सरकार ने ट्रेड यूनियनों को फिर से शुरू करने की मंज़ूरी दे दी है और यूनियन को मान्यता देने के लिए लोकतांत्रिक चुनाव कराने में मदद करेगी। चुनावों के लिए ज़रूरी दिशा-निर्देश कर्मचारियों की यूनियनों से सलाह-मशविरा करके तय किए जाएँगे।

उप-मुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क ने कहा कि सरकार आरटीसी को एक “परिवार” मानती है और उसने कर्मचारियों की समस्याओं को सुलझाने के लिए हमदर्दी भरा और रचनात्मक नज़रिया अपनाया है। उन्होंने कर्मचारियों से अपील की कि वे संगठन को मुनाफ़े की ओर ले जाने में सहयोग करें।

वहीं, परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने कहा कि हड़ताल आधिकारिक तौर पर वापस ले ली गई है और कर्मचारियों को तुरंत अपनी ड्यूटी पर लौटने का निर्देश दिया।

बैठक दौरान, मंत्रियों, अधिकारियों और यूनियन नेताओं ने नरसम्पेट डिपो के ड्राइवर शंकर गौड़ की याद में दो मिनट का मौन रखा, जिन्होंने आत्महत्या कर ली थी। सरकार ने पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि के साथ-साथ इंदिराम्मा योजना के तहत एक घर और परिवार के किसी एक सदस्य को नौकरी देने की घोषणा की।

संयुक्त कार्य समिति (जेएसी ) ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी, उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क और अन्य मंत्रियों को लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करने के लिए धन्यवाद दिया। जेएसी ने कर्मचारियों से डिपो में इस समाधान का जश्न मनाने का भी आह्वान किया है।

निगम ने पिछले तीन दिनों में यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया और आश्वासन दिया कि शनिवार सुबह से बसों का संचालन 100 प्रतिशत बहाल कर दिया जाएगा।

सियासी मियार की रीपोर्ट